महंगाई दर में कमी आर्थिक स्थिरता का संकेत हैः मुख्य आर्थिक सलाहकार

नई दिल्ली (12 जुलाई): मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम ने बुद्धवार को कहा कि नीति निर्धारको का महंगाई को लेकर आकलन और भविष्यवाणी लगातार गलत साबित हो रही है। अरविंद सुब्रमण्यम ने कहा कि महंगाई दर में गिरावट आर्थिक स्थिरिता का संकेत है।

खुदरा महंगाई दर पर प्रतिक्रिया देते हुए अरविंद सुब्रमण्यम ने कहा कि ये गिरावट ऐतहासिक है और उम्मीद है कि सभी नीति निर्धारक इस तथ्य को ध्यान में रखेंगे जब वो पालिसी बनाएंगे।


मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्‍यन ने कहा, 1.54 प्रतिशत का यह आंकड़ा ऐतिहासिक निचला स्तर है और यह व्यापक आर्थिक स्थिरता में मजबूती को दिखाता है। उन्होंने कहा, मामूली रूप से अलग उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के अनुसार मुद्रास्फीति का यह स्तर इससे पहले 1999 व उससे पहले अगस्त 1978 में रहा था।

बता दें तेल और फूड आइटम की कीमतें गिरने से जून रिटेल महंगाई में कमी आई है जिससे कन्ज्यूमर इन्फ्लेशन (उपभोक्ता मुद्रास्फीति) अब तक के सबसे निचले स्तर 1.54 प्रतिशत पर पहुंच गया है। सरकार द्वारा बुधवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, मई में खुदरा महंगाई 2.18 प्रतिशत थी जो जून में कम होकर 1.54 प्रतिशत पर पहुंच गई है।