मोदी सरकार में हुई रिकॉर्ड संख्या में जजों की नियुक्ति: केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद

न्यूज24 ब्यूरो, नई दिल्ली ( 18 जून ): केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने केंद्र की NDA सरकार के चार साल के कार्यकाल के दौरान हुए कामकाज का लेखाजोखा पेश करते हुए सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में  बातचीत करते हुए कहा कि आज देश में 121 करोड़ मोबाइल फोन हैं, 121.46 करोड़ लोगों के पास आधार है और 50 करोड़ लोगों को इंटरनेट सुविधा हासिल है। 59.15 करोड़ भारतीयों ने 87.79 करोड़ बैंक खातों को आधार से लिंक कराया है। आधार को डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) स्कीमों से जोड़ने से कुल 93000 करोड़ रुपये की बचत हुई है।उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने अप्रैल 2015 से मई 2018 के बीच सुप्रीम कोर्ट में 18 जजों की नियुक्ति की। वहीं, 2014 से लेकर अब तक हाई कोर्ट में 331 जजों की नियुक्ति हुई है और 313 अडिशनल जजों को हाई कोर्ट में परमानेंट किया गया है।उन्होंने कहा कि 1428 पुराने पड़ चुके केंद्रीय कानूनों को सरकार ने रद्द कर दिया। इसके अलावा 229 ऐसे राज्य कानूनों को रद्द करने के लिए वापस राज्य सरकारों को भेजा गया है। प्रसाद ने बताया कि 2015 में 281 फास्ट ट्रैक कोर्ट थे, जिनकी संख्या अब 727 हो गई है। इतना ही नहीं, जनप्रतिनिधियों के खिलाफ मुकदमों की सुनवाई के लिए 11 राज्यों में 12 स्पेशल कोर्ट भी बनाए गए हैं।यह पूछे जाने पर कि अगर सुप्रीम कोर्ट की संविधान बेंच ने आधार कार्ड योजना को अवैध करार दे दिया तो क्या होगा? इस पर रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'यह काल्पनिक सवाल है। 121 करोड़ लोग आधार कार्ड के लिए रजिस्टर कर चुके हैं। 59.95 करोड़ भारतीय अभी तक अपने 87.79 करोड़ बैंक अकाउंट आधार से लिंक करवा चुके हैं।  कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि तीन तलाक बिल का धर्म से कुछ लेना-देना नहीं है. यह लैंगिग समानता और न्याय के आधार पर तैयार किया गया है. उन्होंने ट्रिपल तलाक विधेयक पर सोनिया गांधी, ममता बनर्जी और मायावती से अपील करते हुए कहा कि हमें राजनीतिक विभाजन से परे जाने की जरूरत है.