क्रिकेट के ऐसे रिकॉर्ड्स जो शायद ही कभी टूटेेंगे

नई दिल्ली(24 जून): क्रिकेट एक ऐसा खेल जहां हर दिन रिकॉर्ड बनते और टूटते हैं। एक-एक रन, एक-एक विकेट, एक-एक कैच एक नया रिकॉर्ड गढ़ देता है। वनडे में कोई सोच भी नहीं सकता था कि एक बल्लेबाज 200 रन बनाएगा, लेकिन टी-20 ने सब बदल दिया। टेस्ट में 400 रन की पारी, 1000 विकेट लेना ये  ऐसे रिकॉर्ड जिसके बारे में सोच ही जा सकता था। लेकिन कुछ दिग्गजों खिलाड़ियों ने इसको हकीकत में बदला।

आज भी कई ऐसे रिकॉर्ड जिसको तोड़ना मुश्किल है और ऐसा लगता है शायद ही ये कभी टूटे

 आइए नजर डालते हैं ऎसे रिकॉर्ड पर

ब्रेडमैन

- ऑस्ट्रेलिया के डॉन ब्रेडमैन ने टेस्ट क्रिकेट में 80 पारियों में 99.94 की अद्भुत औसत से रन बनाए हैं। ब्रेडमैन के फर्स्ट क्लास क्रिकेट की एवरेज भी 95.14 की है जो पूरी दुनिया में किसी की नहीं है।

- श्रीलंका के दिग्गज मुथैया मुरलीधरन ने 20 साल की उम्र में अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का आगाज किया था। इसके बाद अगले 20 साल में बल्लेबाजों के मन में मुरली का खौफ रहा। उन्होंने 800 टेस्ट विकेट, 534 वनडे विकेट और 13 टी20 विकेट अपने नाम के आगे लिखे हैं।

- इंग्लैण्ड जैक हॉब्स जब शुरूआती सालों में अपने बल्ले से रन बरसाते थे तो आज जैसा माहौल नहीं था। मैच कई दिनों तक चलते थे, कंडीशन मुश्किल होती थी और अंतरराष्ट्रीय मैच अंगुलियों पर गिने जा सकते थे। उनके इसी पेशेवर अंदाज का ही नतीजा है 834 फर्स्ट क्लास क्रिकेट में बनाए गए 61760 रन।

जैक हॉब्स

- कोई गेंदबाज अगर 90 रन देकर किसी टेस्ट में होने वाले पूरे 20 में से 19 विकेट झटक ले तो इसे चमत्कार ही कहा जाएगा। इंग्लैण्ड के ऑफ स्पिनर जिम लेकर ने 1956 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह करिश्मा किया। उन्होंने एक पारी में 10 और दूसरी में 9 विकेट चटकाए।  भारत के अनिल कुम्बले ने 1999 में एक पारी में 10 विकेट लेकर इतिहास दोहराया लेकिन 20 में से 19 विकेट लेने का कमाल अब शायद ही कभी हो।

जिम लेकर

- वनडे क्रिकेट में शतक लगाना हर बल्लेबाज का सपना होता है। मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने शतकों का शतक लगा दिया। सचिन ने टेस्ट में 51 और वनडे में 49 शतक लगाए।

  - 1990 में भारतीय टीम 4 सालों बाद लॉर्ड्स के मैदान पर क्रिकेट खेल रही थी। इंग्लैंड के ग्राम गूच ने 333 रन बना लिए थे, उन्होंने इसके बाद इस स्कोर को अगली पारी में 456 में बदल दिया।