शिरडी: पिछले साल सांई भक्तों से आया 463 करोड़ का रिकॉर्ड चढ़ावा

हरीश दिमोटे, शिरडी/नई दिल्ली (9 फरवरी): हर साल लाखों भक्त नए साल पर शिरडी पहुंचते हैं, ताकि साईं के दर्शन के बाद नए साल की शुरुआत कर सकें। साथ ही इस मौके पर साईं के भक्त दिल खोलकर दान भी करते हैं। यही वजह है कि साईं मंदिर दुनिया के अमीर मंदिरों की लिस्ट में शामिल हो गया है। साईं मंदिर में सिर्फ एक साल में यानी साल 2014 से 2015 तक में अब तक सबसे बड़ा चढ़ावा चढ़ा है।

वैसे तो साईं के खजाने में उनके भक्त दिल खोलकर दान देते हैं, लेकिन इस बार नए साल का आगाज की रिकॉर्ड तोड़ चढ़ावे से हुआ है। अगर ये कहा जाए कि इस साल साईं के खजाने में धन पानी की तरह बरसा है तो गलत नहीं होगा, क्योंकि नए साल पर चढ़ावे का नया रिकॉर्ड बन गया है। इस कैलेंडर इयर में साईं के खजाने में चार सौ तिरसठ करोड रुपये जमा हुए हैं, जिनमें से 268 करोड़ कैश जबकि परियोजना के माध्यम से 195 करोड़ की राशि जमा हुई है।

जी हां साईं मंदिर को मात्र एक साल में भक्तों ने 463 करोड़ का रिकॉर्ड चढ़ावा चढ़ाया है। साईं में आस्था रखने वाले मानते है कि साईं साक्षात भगवान है। उनकी महिमा और चमत्कार से शिरड़ी की धरती पटी पड़ी है। ये साईं पर भक्तों का अटूट विश्वास ही है कि हर साल अरबों का चढ़ावा चढता है-भक्त दिल खोलकर अपने साईं बाबा पर धन बरसाते हैं, और साल दर साल वो आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। 

भले ही सुनकर आपको अपने कानों पर यकीन न हो रहा हो, लेकिन ये सच है। हर साल नए साल से पहले ही शिरडी में ऐसे भक्तों का जमावड़ा लगना शुरु हो जाता है जो अपना नया साल साईं के दर्शन से शुरु करना चाहते हैं। इस बार भी बड़ी तादाद में साईं भक्त शिरडी पहुंचे थे। हर साल साईं के चढ़ावे में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, पिछले साल के मुकाबले इस बार रिकॉर्ड तोड़ चढ़ावा आया है। जिसमें कैश के साथ ही सोना चांदी और हीरे जवाहरात भी पहले के मुकाबले ज्यादा दान में मिले हैं।

गौरतलब है, वक्त वक्त पर शंकराचार्य सांई का विरोध करते रहे हैं, शंकराचार्य ने साईं की पूजा को तो अधर्म तक बता दिया। लेकिन उसके बावजूद साईं के भक्तों की तादाद में कोई कमी नहीं आई, उलटा भक्तों के साथ साथ चढ़ावा भी बढ़ता गया।  साईं के खजाने में भक्तों ने धन बरसा कर साबित कर दिया है कि उनके दिलों में साईं के लिए सम्मान कम नहीं हुआ है।