VAT कलैक्शन में दिल्ली सरकार ने बनाया रेकॉर्ड, जानिए कितना हुआ इज़ाफा

नई दिल्ली (27 मार्च): दिल्ली सरकार ने इस साल वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) संग्रह करने में नया रेकॉर्ड बनाने का दावा किया है। सरकार के व्यापार व कर विभाग का कहना है कि इस साल चालू वित्त वर्ष में 25 मार्च तक 20 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का वैट संग्रह किया गया। अभी इस वित्तीय वर्ष में इसके और अधिक बढ़ने की उम्मीद है।

'द स्टेट्समैन' की रिपोर्ट के मुताबिक, वैट आयुक्त सज्जन सिंह यादव ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि पिछले वित्त वर्ष की तुलना में इस साल वैट संग्रह में अब तक 2 हजार करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है।

यादव ने बताया, "चालू वित्त वर्ष में 11 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जबकि पिछले वित्त वर्ष में महज 2 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई थी। यह उपलब्धि इस मायने में सराहनीय है कि कई राज्यों में चालू वित्त वर्ष में नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है।"

वैट संग्रह में रिकॉर्ड वृद्धि व्यापार व कर विभाग द्वारा उठाए गए कई उपायों के कारण संभव हो पाई है। 52,627 नए पंजीकृत डीलरों को जोड़ कर वैट नेटवर्क में वृद्धि की गई। डेटा का विश्लेषण और कर बकाएदारों की पहचान के लिए इन्फॉर्मशन टेक्नॉलॉजी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया गया। केंद्र सरकार और सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम्स, वित्त मंत्रालय और कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय सहित अन्य राज्य सरकारों के साथ डेटा साझा करने की व्यवस्था लागू की गई है।

दिल्ली के प्रवेश द्वारों पर स्वचालित नंबर प्लेट रीडर कैमरों को लगा कर दिल्ली में माल के प्रवेश पर नजर रखी गई। एक एप्लीकेशन से अपलोड बिलों के माध्यम से 50 से अधिक डीलरों को पकड़ा गया है, जो रद्द / अमान्य पंजीकरण पर कारोबार कर रहे थे। करीब 100 डीलरों को रिकॉर्ड में हेर-फेर करने का दोषी पाया गया।