CM हरीश रावत पर लगा MLA के खरीद-फरोख्त का आरोप, जारी की CD

नैनीताल (26 मार्च): उत्तराखंड में कांग्रेस के बागी विधायकों ने राज्य के सीएम हरीश रावत की एक सीडी जारी की है। हरक सिंह रावत ने सीएम हरीश रावत पर विधायकों की खरीद-फरोख्त के लिए ऑफर देने का आरोप लगाया है। बागियों का दावा है कि स्टिंग में 23 मार्च की बातचीत की रिकॉर्डिंग है। बागियों का कहना है कि है ये बातचीत जॉली ग्रांट एयरपोर्ट पर की गई है।

हरीश रावत को 28 तारीख को अपना बहुमत साबित करना है और इसके पहले रावत सरकार के लिए उत्तराखंड हाईकोर्ट के फैसला काफी अहम है। हाईकोर्ट ने बागी विधायकों की याचिका खारिज कर दी है। अब हो सकता है कि बागी विधायक स्पीकर के नोटिस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चले जाएं।

उत्तराखंड के कांग्रेस के बागी विधायकों को झटका 
शुक्रवार का दिन कांग्रेस के लिए राहत का पैगाम लेकर आया। रावत सरकार पर मंडराते खतरे के बीच हाईकोर्ट का फैसला बेहद अहमियत रखता है। ये फैसला विधानसभा स्पीकर के नोटिस के खिलाफ दायर की गई याचिका पर आया है। याचिका दायर करने वाले कोई और नहीं बल्कि कांग्रेस के नौ बागी विधायक थे।

कुल एक मिनट और पैंतालीस सेंकेंड की सुनवाई हुई और नैनीताल हाईकोर्ट के एकलपीठ ने बागी विधायकों की याचिका को बेसलेस माना और बिना वक्त गंवाए याचिकाओं को खारिज कर दिया। बागी विधायकों की ओर से दायर दो याचिकायों में दल बदल कानून के तहत स्पीकर के भेजे नोटिस को चुनौती दी गई थी। रावत सरकार की ओर ने पूर्व कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने पैरवी की।

एकलपीठ में दलीलों का एक दौर भी चला, जिसमें बागी विधायकों और सरकार के वकीलों ने अपने अपने तर्क दिए। बागियों के वकील ने कहा कि 9 विधायकों ने दल बदल कानून का उल्लंघन नहीं किया है। बागियों का कहना था कि उन्होनें सरकार के भ्रष्टाचार का विरोध किया है ना कि कांग्रेस पार्टी का। वहीं सरकार ने हाईकोर्ट में कहा कि बागी कांग्रेस सरकार का विरोध कर रहे हैं, तो वो कैसे कह सकते हैं कि ये विरोध पार्टी के खिलाफ नहीं है। 

इसके साथ ही बागी विधायकों ने कहा कि विधानसभा स्पीकर को विधायकों से बातचीत करनी चाहिए थी और विधायकों को मौका दिया जाना चाहिए था। इस पर सरकार ने साफ किया कि नोटिस देना स्पीकर का संवैधानिक अधिकार है और हाईकोर्ट इस पर हस्तक्षेप नहीं कर सकता। बहरहाल दलीलों और बहस के बाद जो हुआ वो रावत सरकार के लिए किसी वरदान से कम नहीं है,और फैसले के बाद सीएम हरीश रावत का कॉन्फिडेंस बढ़ा नजर आया।

सियासत में शह और मात का खेल चलते रहता है और उत्तराखंड में भी कुछ ऐसा ही हो रहा है। सभी नौ बागी विधायकों को स्पीकर के नोटिस का जवाब देने का आज आखिरी दिन है। माना जा रहा है कि हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सभी बागी विधायक सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकते हैं लेकिन इन सबके बीच कुछ ऐसे अहम सवाल हैं, जो सबके सामने हैं, मसलन क्या बागी विधायकों को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलेगी ? विधानसभा स्पीकर बागियों पर क्या कार्रवाई करेंगे ? क्या 28 को हरीश रावत बहुमत साबित कर पाएंगे ? 

ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है,जब सियासी बवंडर का समाधान हाईकोर्ट और सुप्रीमकोर्ट में तलाश किया जा रहा हो,अब देखना होगा कि उत्तराखंड की सियासत में किया गुल खिलता है। 

देखिए वीडियो

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