पढिये, इन खास वज़हों से ब्रिटेन अलग हुआ ईयू से

नई दिल्ली (24 जून): यूरोपीय यूनियन से अलग होने के पीछे के कई कारण हैं, लेकिन सीरिया से शरणार्थियों की भीड़ में छुपे हुए आईएस समर्थित मुस्लिम आतंकी सबसे अहम कारण हैं। फ्रांस, जर्मनी और ब्रसेल्स में हुए आतंकी हमलों से ब्रिटेन का जनमत यूरोपीय यूनियन से बाहर होने के सहमत हुआ है। आइए जानते हैं वो अहम कारण जिनके कारण ब्रिटेन के लोगों ने लाख जोखिमों के बावजूद यूरोपीय यूनियन से आजाद होने का फैसला किया। 

* ब्रिटेन में बढ़ रहा प्रवासी संकट: ब्रेक्ज़िट का समर्थन कर रहे लोगों का कहना है कि अब ब्रिटेन प्रवासी संकट से निपट सकेगा। ब्रिटेन में हर रोज़ करीब 500 प्रवासी दाखिल हो रहे हैं और पूर्वी यूरोप के करीब 20 लाख लोग इस समय ब्रिटेन में रह रहे हैं। एक्ज़िट के बाद ब्रिटेन प्रवासियों के आने पर रोक लगा सकेगा साथ ही अपराधी प्रवासियों को डिपोर्ट भी कर सकेगा। 

*  मेंबरशिप की भारी-भरकम राशि बचेगी: ब्रेक्ज़िट से आने वाले वक़्त में ब्रिटेन को 99 हज़ार 300 करोड़ रुपये की सालाना बचत होगी। ये रकम ब्रिटेन को यूरोपीय यूनियन की मेंबरशिप फीस के रूप में चुकानी पड़ती है। यह रकम ब्रिटेन के टेक्सपेयर की हार्ड अर्न्ड मनी होती है। 

* अफसरशाही से मुक्ति: यूरोपियन यूनियन में की अफसरशाही ब्रिटेन के लोगों को बिल्कुल भी पसंद नहीं है। ब्रेक्ज़िट का समथन कर रहे लोगों का कहना है कि यूरोपीय यूनियन तानाशाही रवैया अपनाती है। सिर्फ कुछ ब्यूरोक्रेट्स मिलकर ब्रिटेन समेत 28 देशों के लोगों का भविष्य तय करते हैं। एक अनुमान के मुताबिक यूरोपीय यूनियन के लिए करीब 10 हज़ार अफसर काम करते हैं।

*यूरोपीय यूनियन के अफसर डेविड कैमरून से भी ज्यादा सैलेरी लेते हैं: यूरोपीय यूनियन में काम करने वाले ज्यादतर अफसरों की सैलरी, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन से भी ज्यादा है। यूरोपियन यूनियन के सांसदों को 19 हज़ार रुपये का दैनिक भत्ता मिलता है और साल भर में अलग-अलग तरह के खर्च के लिए 31 लाख रुपये मिलते हैं। जबकि स्टाफ रखने के खर्च के नाम पर इन सांसदों को साल भर में 1 करोड़ 70 लाख रुपये अलग से मिलते हैं। यूरोपीय यूनियन  में कम कर रहे अफसरों को एक तरफ तो मोटी सैलेरी मिलती है वहीँ आम लोगों के मुकाबले इन्हें कम टैक्स भी चुकाना पड़ता है। ब्रेक्ज़िट का समर्थन कर रहे लोगों का कहना है कि ये सुविधाएं, जनता के पैसों से दी जा रही हैं और अफसरशाही की वजह से आम जनता से फैसले लेने का हक़ भी छीन लिया गया है।

* व्यापार के रस्ते खुले: यूरोपीय यूनियन से अलग होने के बाद अब ब्रिटेन को अमेरिका और भारत जैसे देशों से मुक्त व्यापार करने की छूट मिल जायेगी। यूरोपीय यूनियन के मुकाबले ब्रिटेन बाकी दुनिया को करीब दो गुना ज्यादा निर्यात करता है।