पुणे को जिताने वाले इस भारतीय बॉलर के नाम में क्यों लगा है वाशिंगटन, जानें रीजन

नई दिल्ली ( 18 मई ): आईपीएल 10 के पहले क्वालिफायर मैच में पुणे सुपरजाएंट ने मुंबई इंडियन को 20 रन से हरा दिया था। पुणे की इस जीत के 17 साल के स्पिनर वाशिंगटन सुंदर हीरो थे। तीन विकेट लेकर वो मैन ऑफ द मैच रहे। खेल के साथ ही वाशिंगटन के नाम ने भी सभी को अट्रैक्ट किया। उनका ये नाम कैसे पड़ा इस बारे में उनके पिता ने एक किस्सा बताया है।

वाशिंगटन सुंदर के पिता एम. सुंदर के अनुसार उन्होंने बेटे का नाम अपने गॉडफादर पीडी वाशिंगटन के नाम पर रखा है। उन्होंने बताया, ‘मैं हिंदू हूं। हमारे घर के पास दो गली छोड़कर एक्स-आर्मी पर्सन पीडी वाशिंगटन रहते थे। वो क्रिकेट के बहुत शौकीन थे। वो हमारा मैच देखने ग्राउंड पर आते थे। वो मेरे खेल में इंटरेस्ट लेने लगे। यहीं से हमारे बीच अच्छा रिलेशनशिप बन गया।’

एम. सुंदर के अनुसार, ‘हम गरीब थे। वाशिंगटन मेरे लिए यूनिफॉर्म खरीदते थे, मेरी स्कूल फीस भरते थे, किताबें लाते थे, अपनी साइकिल पर मुझे ग्राउंड ले जाते थे। उन्होंने हमेशा मेरा हौसला बढ़ाया। मेरे लिए वो सबकुछ थे। जब रणजी की संभावित टीम में मेरा सिलेक्शन हुआ था तो वो सबसे ज्यादा खुश हुए थे।’

तभी अचानक 1999 में वाशिंगटन की डेथ हो गई और इसके कुछ समय बाद ही बेटे का जन्म (5 अक्टूबर, 1999) हुआ। सुंदर के अऩुसार, ‘वाइफ की डिलीवरी काफी क्रिटिकल थी, लेकिन सब ठीक से हो गया। हिंदू रिवाज के अनुसार मैंने बेटे के कान में भगवान का नाम लिया, लेकिन ये पहले ही तय कर लिया था कि बेटे का नाम उस इंसान के नाम पर रखना है, जिन्होंने मेरे लिए बहुत कुछ किया था।’ इस तरह एम. सुंदर ने अपने बेटे का नाम वाशिंगटन सुंदर रख दिया। सुंदर के अनुसार यदि उनका दूसरा बेटा होता तो वो उसका नाम भी वाशिंगटन जूनियर रखते।