...तो इस कारण पूर्वांचल से ही राहुल गांधी ने की अपनी यात्रा की शुरुआत

नई दिल्ली (6 सितंबर): राहुल गांधी ने पूर्वांचल से अपने मिशन यूपी की शुरुआत की हैं। पूर्वांचल यूपी का वो इलाका है। जहां हिंदू वोटर सबसे ज्यादा हैं। यहां बीजेपी और बीएसपी का दबदबा है। राहुल गांधी यहां हिंदू वोटरों को साधना चाहते हैं। ताकि कांग्रेस का ये कमजोर किला मजबूत हो सके। राहुल की इस यात्रा का एक खास मकसद है। एक खास लक्ष्य है। 

बीजेपी और बीएसपी का गढ़ है पूर्वांचल पूर्वांचल वो इलाका है। जो बीजेपी और बीएसपी का गढ़ माना जाता है। यहां कांग्रेस की सियासी जमीन कमजोर मानी जाती है। लेकिन राहुल अपने इसी कमजोर किले को मजबूत करने में जुट गए हैं। किसान यात्रा और खाट चौपाल से राहुल गांधी हिंदू वोटरों को कांग्रेस के पाले में लाना चाहते हैं। यही वजह है कि वो अपनी महायात्रा की शुरूआत में सबसे पहले नाथ बाबा मंदिर गए। बता दें कि ये मंदिर पूर्वांचल में आस्था का बड़ा केंद्र है। यही नहीं नाथ बाबा कांग्रेस के लिए शुभ भी माने जाते हैं।

1998 में कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद सोनिया गांधी पहली बार दिल्ली से बाहर इसी मंदिर में आई थीं। पिछले विधानसभा में यहां राहुल गांधी चुनाव प्रचार करने आए थे। तब कांग्रेस के नेता अखिलेस प्रताप सिंह यहां के विधायक बन गए थे।

पूर्वांचल से ही मिशन यूपी की शुरुआत करने के पीछे एक और बड़ी वजह है। पूर्वांचल में गोरखपुर से बीजेपी सांसद योगी आदित्यनाथ का दबदबा है। राहुल यहां से किसान यात्रा की शुरुआत कर आदित्यनाथ को सीधी चुनौती दे दी है। 

राहुल के इस पूरे कार्यक्रम को कांग्रेस के चुनावी रणनीतिकार प्रशांत कुमार ने तैयार किया है। मकसद सिर्फ एक है कि किसी तरह से यूपी के किले को फतह किया जा सके। ऐसे में अब ये देखना दिलचस्प होगा कि यूपी में राहुल गांधी की ये सियासी कसरत कितनी कारगार साबित होती है।