भारत बना रहा है ऐसी सैटेलाइट, चीन-पाक के उड़े होश

नई दिल्ली (4 सितंबर): देश की सीमाओं पर हाल के सालों में बढ़ते तनाव और घुसपैठ बढ़ती जा रही है। भारतीय सरकार ने सीमा सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। सीमाओं पर अब सैटेलाइट से नजर रखी जायेगी। इससे सही समय पर सीमा पर किसी भी प्रकार की गतिविधि को रोका जा सकेगा। सरकार अब बॉर्डर सिक्यॉरिटी फोर्स (BSF), इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस (ITBP) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) को अलग-अलग पूरी तरह समर्पित सैटलाइट बैंडविथ की व्यवस्था देने पर विचार कर रही है। 

2016 में पाकिस्तान से आए आतंकवादियों का उड़ी के आर्मी कैंप पर हमला और फिर हाल ही में डोकलाम में चीन के साथ तनातनी के हालात के मद्देनजर निगरानी व्यवस्था को दुरुस्त करने के विकल्पों पर विचार किया जा रहा है।

पाकिस्तान, चीन और बांग्लादेश की सीमाओं पर आये दिन घुसपैठ की खबरें आती है। चीन और पाकिस्तान के सीमाओं पर कई इलाके ऐसे हैं, जहां कठिन परिस्थितियों की वजह से निगरानी करना मुश्किल होता है। लदाख और कश्मीर के कई इलाकों में भारी बर्फबारी की वजह से सेना के जवानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। सरकार ने अब इस समस्या का हल भी निकाल लिया है।

एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक सरकार का मकसद सीमा की पहरेदारी करनेवाले बलों को पाकिस्तानी और चीनी सैनिकों की पल-पल की गतिविधियों और आतंकी घुसपैठ पर नजर रखने में सक्षम बनाना है। इससे पूरे इलाके को समझने और दूर-दराज के इलाकों में प्रभावी संचार स्थापित करने में भी मदद मिलेगी। 

इतना ही नहीं, अलग से सैटलाइट बैंडविड्थ से संकट के वक्त पड़ोसी देशों की ओर से सीमा पर तैनात किए जा रहे सैनिकों एवं जंग के साजोसामान से जुड़ी क्षमताओं का आकलन भी किया जा सकेगा। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि गृह मंत्रालय के शीर्ष नौकरशाहों ने हाल ही में बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी और इसरो के अधिकारियों के साथ मीटिंग की थी। इस दौरान इस बात पर चर्चा हुई कि क्या सीमा पर पड़ोसियों की हलचल पर नजर रखने के लिए एक सैटलाइट काफी है या हरेक फोर्स को एक-एक अलग से सैटलाइट की जरूरत होगी?
ता है।'