मकान खरीदारों को सरकार का बड़ा 'गिफ्ट'

नई दिल्ली(1 नवंबर): केंद्र सरकार ने रियल एस्टेट कानून से जुड़े नियमों को नोटिफाई करके खरीदारों को बड़ी राहत दी है। अब बिल्डर की ओर से पजेशन में देरी और खरीदार की ओर से किस्त जमा करने पर देरी, दोनों के लिए पेनल्टी की दर बराबर कर दी गई है। 

- पजेशन में देरी पर बिल्डर 10.9 फीसदी की दर से खरीदार को ब्याज देंगे और किस्त में देरी पर भी खरीदार को इसी दर से पेनल्टी लगेगी। पहले किस्त में देरी होने पर खरीदारों को 15 फीसदी की दर से पेनल्टी का भुगतान करना होता था। 

- इसके अलावा अगर खरीदार रिफंड चाहते हैं तो उनको उसी दर से पूरी रकम पर रिफंड पाने का हक होगा। बिल्डर को दावा किए जाने के 45 दिनों के अंदर रकम चुकानी होगी। ब्याज दर एसबीआई की मार्जिनल मनी की लैंडिंग रेट से 2 फीसदी ज्यादा तय की गई है।

- अब इन नियमों के नोटिफाई होने के बाद प्रत्येक बिल्डर को स्टेट रेग्युलेटर के पास अपना पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण के लिए आवेदन करने के तीन महीने के अंदर डिवेलपर्स को जुटाए गए फंड्स का 70 फीसदी एक अलग बैंक खाते में जमा कराना होगा। इस नियम का फायदा यह होगा कि डिवेलपर्स अपना फंड किसी और प्रॉजेक्ट्स में इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे, जिससे समय पर निर्माण कार्य पूरा हो सकेगा और लोगों को समय पर मकान मिल सकेगा। डिवेलपर्स को किसी प्रॉजेक्ट के रजिस्टेशन के समय यह भी बताना होगा कि कितने समय में वह खरीदार को मकान सौंप देंगे। इससे लम्बे समय से मकान का इंतजार कर रहे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। कई मामलो में देखने में आया है कि लोग 10-10 साल से मकान मिलने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनको पजेशन नहीं मिला है। 

- इन नियमों से उन डिवेलपर्स की परेशानी बढ़ेगी जो खरीदारों के फंड्स को कहीं और इस्तेमाल कर लेते थे। अब नए कानून के मुताबिक, शिकायत दाखिल किए जाने के 60 दिनों के अंदर रेग्युलेटर को मामले का निपटारा करना अनिवार्य होगा।

- एक सरकारी विज्ञप्ति में उल्लेख किया गया है कि ये नियम अंडमान एवं निकोबार द्वीपों, चंडीगढ़, दादर और नगर हवेली, दमन एवं दिु और लक्षद्वीप में भी लागू होंगे। एक बयान में केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि यह दिल्ली के लिए भी इसी तरह के नियमों पर काम कर रहा है। जानने में आया है कि ये नियम नवंबर में नोटिफाई होंगे।