ना हो सैलरी की दिक्कत, इसलिए सरकार ने बनाए ये धमाकेदार प्लान


नई दिल्ली (30 नवंबर): देशभर में कैश की भारी किल्लत है। नोटबंदी के तकरीबन 3 हफ्ते बाद भी देशभर में नगदी की भारी किल्लत है और आज इस महीने का आखिरी दिन है। अगले कुछ दिनों में लोगों के बैंक में सैलरी आने वाली है। ऐसे में आने वाले दिनों कैश की भारी मांग बढ़ेगी। इससे निपटने के लिए RBI ने खास तैयारियां की है।  
 

सैलरी के लिए सरकार का एक्शन प्लान...

- RBI और बैंको ने ब्रांचों के लिए नकदी जारी करने में पिछले 4-5 दिनों से कटौती की है

- RBIके डिप्टी गवर्नर एसएस मुंद्रा की अगुवाई में बनी टीम की वेतन बांटने की चुनौती से निपटने की तैयारी में जुटी है  

- पिछले महीने के आंकड़े के आधार पर देखा जा रहा है कि किन इलाकों में कितनी मात्रा में नोट की जरुरत है

- इसी आधार पर नकदी उन इलाकों में भेजी जाएगी ताकि सैलरी निकालने वालों को तकलीफ न हो

- औद्योगिक क्षेत्र और दफ्तर वाले इलाकों में खास तौर पर बड़ी मात्रा में नकदी भेजने की तैयारी

- ATM पर कतार काफी लम्बी नहीं हो, इसके लिए ज्यादा तेजी से नकदी दोबारा भरने का इंतजाम

- तय समय के भीतर निश्चित संख्या में ही लोगों की ATM इस्तेमाल करने की इजाजत

- महीने के अंत तक 90 % से भी ज्यादा ATM रिकालिब्रेट कर लिया जायेगा ताकि 100, 500 और 2000 रुपये के नोट एक साथ निकल सकें

- 500 रूपये के नोटों को छापने के बाद जानबूझकर होल्ड पर रखा गया था ताकि पहली दिसंबर से ये मिलने लगे

- 500 रुपये के नोट की सप्लाई का काम शुरु हो चुका है और अगले एक हफ्ते के भीतर भारी तादाद में ये नोट उपलब्ध होंगे

- अभी ATM से एक खाते से एक दिन मे निकासी की सीमा 2500 रुपये है, फिलहाल इसे बढ़ाया जाये या नहीं पहले हफ्ते की समीक्षा के बाद फैसला होगा

- सरकार ने निजी कंपनियों को अपने कर्मचारियों को वेतन का एक हिस्सा प्री पेट कार्ड के रुप में देने के लिए कहा है ताकि नकदी पर दवाब कुछ कम हो सके

एक आंकड़े के मुताबिक यदि महीने की 15 तारीख की नकदी की मांग 100 करोड़ रुपये है तो 27-28 तक आते-आते 170 करोड़ रुपये और फिर अगले महीने की पांच तारीख तक 200 करोड़ रुपये पर पहुंच जाती है। पहली दिसंबर से दिल्ली को 150-200 करोड़ रुपये की जरुरत होगी जबकि मुंबई को 130-150करोड़ रुपये की जरुरत होगी।