RBI की रिपोर्ट पर बोले जेटली, नोटबंदी के मकसद में कामयाब

नई दिल्ली ( 30 अगस्त ): रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने बुधवार को अपनी सालाना रिपोर्ट पेश की। इसमें बताया गया कि नोटबंदी के बाद बैंकों के पास 1000 रुपये की 8 करोड़ 90 लाख प्रतिबंधित नोट वापस नहीं आए। इस पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि नोटबंदी का उद्देश्य पैसा जमा करना नहीं था। नोटबंदी से नकली नोटों का पता चला। इसका लक्ष्य टैक्स का दायरा बढ़ाना था। नोटबंदी से आतंकवाद और नक्सलवाद पर असर पड़ा।

जेटली ने कहा कि कि नोटबंदी का उद्देश्य कैश लेन-देन कम करना था। नकदी का आदान-प्रदान 17 प्रतिशत कम हो गया है। नोटबंदी का प्रभाव सही रास्ते पर है और भविष्य में केंद्र जो भा कदम उठाएगा, उसका आधार उस पर आधारित होगा। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का अगला कदम चुनाव में कालेधन पर रोक लगाना है।

जेटली ने कहा कि जिन लोगों को काले धन से निपटने की कम समझ है वही बैंकों में आई नकदी को नोटबंदी से जोड़ रहे हैं। नोटबंदी का उद्देश्य अर्थव्यवस्था में नकदी पर निर्भरता कम करना, डिजिटलीकरण करना, कर दायरा बढ़ाना और काले धन से निपटना था। नोटबंदी के बाद नकदी की कमी के कारण छत्तीसगढ़ और जम्मू कश्मीर में आतंकवादी और अलगाववादी गतिविधियों में गिरावट आई है।

आरबीआई की रिपोर्ट के अनुसार, जहां वित्त वर्ष 2016 में रिजर्व बैंक को करेंसी छापने के लिए 3,421 करोड़ रुपये खर्च किए थे वहीं नोटबंदी के बाद वित्त वर्ष 2017 में यह खर्च बढ़कर 7,965 करोड़ रुपये हो गया। 

जेटली की मुख्य बातें-

-जिन्हें कालेधन को लेकर समझ नही है वो केवल यही कह रहे थे कितना पैसा आया।

-नोटेबन्दी का मकसद था कि भारत कैश में लेनदेन करने वाला देश है उससे पलटना था। काला धन पर अंकुश लगाना था। 

-जो कैश में लेनदेन करते थे उनको बैंक में नोट जमा करना पड़ा। 

-सरकार का डायरेक्ट इनडाइरेक्ट टैक्स कलेक्शन बढ़ा है।

-नोटटबंदी किसी के पैसों को जब्त करने के लिए नहीं की गई थी. जो लोग ऐसा सोचते हैं उन्होंने कभी भी कालेधन और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई नहीं लड़ी है।

-नोटबंदी के बाद डायरेक्ट टैक्स बढ़ा है। ये भी नोटबंदी का उद्देश्य था।

-जाली नोटों पर चोट करने में भी कारगर रही है नोटबंदी।

-नोटबंदी के बाद जीडीपी में आई गिरावट पर जेटली ने कहा, भविष्य के लिए नोटबंदी का फैसला बेहतर होगा, ये तात्कालिक परिणाम था।

-ऑफिशियल ट्रांजेक्शन को बढ़ाने में भी कामयाबी मिली है। डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा मिला है।

-असंगठित क्षेत्रों को संगठित क्षेत्रों से जोड़ने में भी फायदा मिला है।