नकदी रहित लेन-देनः अब नहीं लगेगा सर्विस चार्ज, RBI ने एमडीआर घटाई

नई दिल्ली (17 फरवरी): जनता में नकदीरहित लेन-दने कको बढ़ावा देने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने एक अप्रैल से मर्जेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) में भारी कटौती का प्रस्ताव दिया है। 20 लाख रुपये तक के सालाना टर्नओवर वाले छोटे कारोबारियों और इंश्योरेंस, म्यूचुअल फंड, शैक्षणिक संस्थानों, सरकारी अस्पतालों जैसे स्पेशल मर्जेंट्स के लिए यह कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू के 0.40 पर्सेंट होगा। एमडीआर चार्ज डेबिट कार्ड से ट्रांजैक्शन पर वसूल किया जाता है। डिजिटल पीओएस (क्यूआर कोड) से ट्रांजैक्शन पर 0.3 पर्सेंट रखा जाएगा।

पहले 2,000 रुपये तक के ट्रांजैक्शन पर 0.75 पर्सेंट और इससे अधिक के भुगतान पर एक पर्सेंट एमडीआर लगता था। हालांकि, क्रेडिट कार्ड से पेमेंट पर आरबीआई ने कोई कैप नहीं लगाया है। नोटबंदी के बाद आरबीआई ने 31 मार्च तक चार्ज में कटौती की घोषणा की थी। आरबीआई की ड्राफ्ट के मुताबिक, नई दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी।

ड्राफ्ट में यह भी प्रस्तावित किया गया है कि बैंक यह सुनिश्चित करेंगे कि दुकानों में ‘सुविधा या सेवा शुल्क का भुगतान ग्राहक को नहीं करना होगा’ की सूचना पट्टी लगी हो। नोटबंदी की घोषणा के बाद डिजिटल ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से उठाए गए कई कदमों के बाद कैशलेस लेनदेन में वृद्धि हुई है।