RBI ने बरकरार रखीं ब्याज दरें, नहीं कम होगी आपकी EMI

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (5 दिसंबर): रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी RBI ने आज समीक्षा बैठक की। गवर्नर उर्जित पटेल की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।  RBI ने रेपो रेट को 6.5 फीसदी पर बरकरार रखा है। रिवर्स रेपो रेट 6.25 फीसदी पर बना हुआ है। RBI के इस फैसले से उन लोगों को झटका लगा है जो EMI पर कटौती की उम्‍मीद कर रहे थे। हालांकि RBI ने लिक्विडिटी आउटफ्लो बढ़ाने के लिए एसएलआर में 0.25 फीसदी की कटौती की है। एसएलआर के तहत बैंकों को फिक्स्ड अमाउंट आरबीआई के पास  रखना होता है।  वहीं कैश रिजर्व रेश्यो यानी सीआरआर में भी RBI ने कोई बदलाव नहीं किया है।  

साथ ही RBI ने चालू वित्त वर्ष में जीडीपी ग्रोथ की रेट 7.4 फीसदी रहने का अनुमान व्यक्त किया है। वहीं, चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही (अक्टूबर-मार्च) के दौरान मंहगाई दर 2.7 से 3.2 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है। दूसरी छमाही में जीडीपी ग्रोथ की दर 7.2 से 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। वहीं, अगले वित्त वर्ष 2019-20 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर 2019) में यह 0.1 फीसदी की मामूली वृद्धि के साथ 7.5 फीसदी रहने का अनुमान है। हालांकि, कमिटी ने इसमें गिरावट की भी आशंका जताई। साथ ही रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सरकार की नई खरीद नीति आगे चलकर कृषि उत्पादों की कीमतों का समर्थन करेगी। डीऐंडबी ने उम्मीद जताई है कि इस साल नवंबर में सीपीआई आधारित महंगाई 2.8-3 फीसदी के दायरे में और डब्ल्यूपीआई आधारित महंगाई 4.8-5 फीसदी के दायरे में रहेगी।

पिछली मौद्रिक नीति की घोषणा के बाद अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत हुआ है और 70 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे आ गया है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल के भाव भी नरम हुए और 86 डॉलर प्रति बैरल से नीचे 60 डॉलर प्रति बैरल पर आ गए हैं। हालांकि, आर्थिक वृद्धि दर सितंबर तिमाही में नरम होकर 7.1 फीसदी रही। इससे पूर्व पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में यह दो साल के उच्च स्तर 8.2 फीसदी पर पहुंच गई थी। फल, सब्जी और अंडा, मछली जैसे प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों के सस्ता होने से खुदरा मुद्रास्फीति भी अक्टूबर महीने में 3.31 फीसदी रही जो एक महीने का न्यूनतम स्तर है।