RBI के इस आदेश के बाद नहीं बच पाएंगे काले धन को सफेद करने वाले बैंक

नई दिल्ली (13 दिसंबर): नोटबंदी के बाद आरबीआई के कई बड़े अधिकारी शक के दायरे में आ गए है। प्राइवेट बैंकों को नई करेंसी देने के मामले में कई अनियमितताएं देखी गई हैं। आरबीआई के बड़े अधिकारी शक के दायरे में आ गए हैं। अब इस समस्या से निपटने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी ओर से कार्रवाई शुरू कर दी है।


आरबीआई ने सभी बैंकों को आदेश दिया है कि वे करंसी चेस्ट से निकलने वाले नए नोटों की मूवमेंट को ट्रैक करें। इसके अलावा भी आरबीआई ने बैंकों को कुछ दिशानिर्देश जारी किए हैं।


- करंसी चेस्ट्स से निकलने वाले नए नोटों को ट्रैक किया जाए और इसके लिए रिपोर्टिंग सिस्टम बने।

- करंसी चेस्ट और लिंक ब्रांचों के स्तर पर महात्मा गांधी सीरीज के नए नोट जारी किए जाने का ब्योरा रखें।

- जाली नोटों को मार्केट में सर्कुलेट करने में जुटे लोगों की पहचान के लिए आरबीआई ने बैंकों को आदेश दिया है कि वह अपनी ब्रांच को सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में रखें।

- बैंकों से कहा गया है कि वे 8 नवंबर से 30 दिसंबर तक शाखाओं और करंसी चेस्ट्स में काम के दौरान की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग्स को अगले आदेश तक सुरक्षित रखें। ऐसा इसलिए कहा गया है ताकि नए करंसी नोटों की हेराफेरी करने पर वालों पर नजर रखी जा सके और एजेंसियों को उनके खिलाफ कार्रवाई करने में आसानी हो।

- बैंकों में अब तक 12.44 लाख करोड़ रुपये के #demonetised नोट जमा कराए गए हैं।
- लोगों से अपील की जाती है कि वे नोटों को जमा करने की जगह इसका इस्तेमाल करे।
- गड़बड़ियां पैदा करने वालों पर हमारी नजर बनी हुई है।
- हम यह कहना चाहेंगे कि #DeMonetisation की प्रक्रिया के शुरू होने के साथ ही बैंककर्मियों ने अच्छा काम किया है, अधिकांश को सराहना मिली है।
- विभिन्न बैंक ब्रांचों में कुछ ट्रांजैक्शन की खबर मीडिया में आई थी, जिसमें बैंककर्मियों पर आरोप था।
- कालाधन बदलने के मामले पर RBI ने कहा, 'बैंकों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं '