बड़ी बैंक गारंटी और क्रेडिट के लिए यूनिक कोड जरूरी

नई दिल्ली (3 नवंबर): 5 करोड़ से लेकर 1000 करोड़ तक की बैंक गारंटी लेकर बिजनैस करने वाले संस्थानों को अब  अपने  बैंको से लीगल एंटिटी आईडेंटिफायर कोड लेना होगा। यह कोड 20 अंकों का होगा। यह कोड सभी फण्ड- नॉन फण्ड ट्रांजेक्शन और करसपोंडेंस में इस्तेमाल करना अनिवार्य होगा। आरबीआई ने ग्लोबल क्राईसिस स् पहले उचित कदम उठाने और  किंग फिशर जैसे काण्डों से बैंको को बचाने के लिए यह कदम उठाया है। कोड लेने की प्रक्रिया तुरंत प्रभाव से शुरु हो रही है। पहले बड़े क्रेडिटर्स को कोड लेना होगा। यह प्रक्रिया दिसंबर 2019 तक पूरी करली जायेगी।