ये 50 कंपनियां दबाएं बैठी हैं दो लाख करोड़ से ज्‍यादा

नई दिल्‍ली (30 अगस्त): भारतीय रिजर्व बैंक ने देश की 50 ऐसी बड़ी कंपनियों के नाम को उजागर किया है, जो करीब दो लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का लोन लेकर देने का नाम नहीं ले रहे हैं। ऐसी कंपनियों पर शिकंजा कसने के लिए RBI ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे 50 कंपनियों को दिवालिया घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करें।

RBI ने कहा है कि अगर ये कंपनियां 3 महीने के भीतर कोई ठोस उपाय नहीं कर पाते हैं तो इन्‍सॉल्‍वेंसी एंड बैंकरप्‍सी कोड (IBC) के तहत इन्‍हें दिवालिया घोषित करने की कार्रवाई शुरू की जाए। इस साल जून में RBI ने 12 कंपनियों के अकाउंट की पहली सूची भेजी थी जिन पर लगभग 2.5 करोड़ रुपए बकाया है।

RBI द्वारा भेजे गए दूसरे लिस्‍ट में नामी कंपनियों जैसे वीडियोकॉन इंडस्‍ट्रीज, उत्‍तम गल्‍वा, एस्‍सार प्रोजेक्‍ट्स, रुचि सोया आदि के नाम शामिल हैं। इनमें से सभी के कर्ज को जून में ही 60 कर्जदाताओं के बही खातों में गैर-निष्‍पादित संपत्ति की श्रेणी में रखा गया था। इस लिस्ट में जयप्रकाश एसोसिएट्स, वीजा स्‍टील, वीडियोकॉन टेलिकॉम, मॉनेट पावर, ऑर्चिड केमिकल्‍स, एसईएल मैन्‍युफैक्‍चरिंग, नागार्जुन ऑयल रिफाइनरी, कास्‍टेक्‍स, जायसवाल नेको, ईस्‍ट कोस्‍ट एनर्जी, सोमा एंटरप्राइज, एशियन कलर, यूनिटी इंफ्राप्रोजेक्‍ट्स, जय बालाजी इंडस्‍ट्रीज, शक्ति भोग, उश्‍देव इंटरनेशनल और ट्रांसट्रॉय इंडिया भी शामिल हैं।