फिर से कोच बनते ही एक्शन में रवि शास्त्री, बताया आगे का क्या है प्लान

ravi shastri

न्यूज़ 24 ब्यूरो, नई दिल्ली(18 अगस्त): रवि शास्त्री को बीसीसीआई की क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) ने एक बार फिर से हेड कोच नियुक्त किया है। 57 साल के रवि शास्त्री टी-20 वर्ल्ड कप 2021 तक टीम इंडिया के हेड कोच बने रहेंगे। रवि शास्त्री ने कोच बनते ही टीम इंडिया के भविष्य पर बड़ा बयान दिया है। शास्त्री ने टीम इंडिया के भविष्य के लिए अपनी योजनाओं का खुलासा करते हुए कहा, 'मैं इसलिए कोच बना क्योंकि मुझे इस टीम पर भरोसा था।'

रवि शास्त्री ने कहा, 'मुझे भरोसा था कि ये टीम इंडिया एक ऐसी विरासत छोड़ सकती है जो बहुत कम टीमें छोड़ पाई हैं। एक ऐसी विरासत जिसका आने वाले दशकों में भी टीमें पीछा करेंगी।' इसके अलावा टीम इंडिया का दोबारा हेड कोच बनने पर रवि शास्त्री ने कपिल देव की समिति को धन्यवाद कहा है। रवि शास्त्री ने कहा, 'मैं सबसे पहले कपिल, शांता और अंशुमन को मुझ पर 26 महीने तक और काम करने के लिए भरोसा जताने के लिए शुक्रिया अदा करता हूं। मेरे लिए इस टीम का हिस्सा बनना सम्मान की बात है।' बता दें कि शास्त्री का नया कार्यकाल टी-20 विश्व कप-2021 तक होगा। शास्त्री के सामने अब चार चुनौतियां हैं, जिनसे उन्हें पार पाना होगा।

जुलाई 2017 में दूसरी बार कोच बनने के बाद रवि शास्त्री की कोचिंग में टीम इंडिया ने 21 टेस्ट मैच खेले, जिसमें भारत को 13 में जीत मिली। जबकि टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत ने 36 में से 25 में जीत का स्वाद चखा। इसी तरह वनडे की बात की जाए तो शास्त्री की कोचिंग में टीम इंडिया ने 60 मैचों में 43 में जीत हासिल की। इस तरह दूसरे कार्यकाल में उनकी कोचिंग में भारत को कुल 81 मैचों में जीत मिली। गौरतलब है कि कोच डंकन फ्लेचर (2011–2015) के रहते रवि शास्त्री भी टीम से जुड़े रहे। वह 2014-16 तक टीम डायरेक्टर रहे। शास्त्री ने 2015 के वर्ल्ड कप के बाद पूरी तरह कोचिंग की जिम्मेदारी संभाली थी।

क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में जुलाई 2017 के बाद भारत की जीत-हार का प्रतिशत देखें, तो टेस्ट में भारत की जीत की औसत 52.38 प्रतिशत है, जबकि टी-20 इंटरनेशनल में यह एवरेज 69.44 प्रतिशत बैठता है। वनडे में टीम इंडिया की जीत की औसत काफी बढ़िया रही और इसमें 71.67 की औसत रही. हालांकि यह अलग बात है कि रवि शास्त्री की कोचिंग में शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद भारतीय टीम तीसरी बार वर्ल्ड कप जीतने से चूक गई। 2015 वर्ल्ड कप में भी टीम सेमीफाइनल में हार गई थी।