रावण के गांव में 'रण'

नई दिल्ली (11 अगस्त): दशकों से जिस गांव में रावण की पूजा हो रही थी। उसी गांव में दशानन को लेकर बवाल हो गया। दिल्ली के करीब नोएडा के बिसरख गांव में कुछ संगठनों ने मंगलवार को रावण के मंदिर में जमकर उत्पात मचाया। मूर्ति स्थापना से दो दिन पहले एक दशक पुरानी रावण की प्रतिमा को खंडित कर दिया। साथ ही मंदिर में लगी दशकों पुरानी प्राचीन मूर्तियों को भी तोड़ दिया। गांव वालों ने बताया कि करीब 30 से 40 लोग बंदूक और लाठी-डंडे लेकर मंदिर पहुंचे और जमकर तोड़-फोड़ मचाई। 

वहां क्यों तोड़ गई रावण की प्रतिमा  मंगलवार को रावण के गांव में महाभारत हुई। बताया जा रहा है कि 30 से 40 बंदूकधारी गांव में घुसे और उन्होंने जमकर उतपात मचाया। स्थापना से दो दिन पहले एक दशक पुरानी रावण की प्रतिमा को खंडित कर दिया। साथ ही मंदिर में लगी दशकों पुरानी प्राचीन मूर्तियों को भी तोड़ दिया। मंदिर के पुजारी का कहना है कि इस तोड़फोड़ में बीजेपी कार्यकर्ता, लोक रक्षा दल और गौरक्षा दल के कार्यकर्ता शामिल थे।

पुजारी के मुताबिक मंदिर में राम के साथ रावण की मूर्ति की स्थापना 11 अगस्त को की जानी थी। साथ में भगवान गणेश और रावण के पिता ऋषि विश्रवा की मूर्ति कर स्थापना होनी थी। तैयारी पूरी हो चुकी थी। गांव के लोग इस स्थापना से काफी खुश थे। आरोप है कि इसके पहले ही कुछ संगठनों और महंतों ने मिलकर रावण के मंदिर में हमलाकर मंदिर को नुकसान पहुंचाया और मूर्ति को खंडित कर दिया, ताकि भगवान राम के साथ रावण की स्थापना ना हो सके। जिस गांव में शांति के लिए पूजा होती थी। हमले के बाद वहां तनाव का माहौल है।

बिसरख में रावण का मंदिर आस्था का प्रतीक माना जाता था। रावण की जन्मस्थली होने की वजह इसे बिसरख धाम की संज्ञा दी गई थी। करीब पांच साल से मंदिर में रावण की मूर्ति की स्थापना की तैयारी की जा रही थी। इसके लिए मंदिर का पुर्ननिर्माण करीब दो करोड़ रुपए में कराया गया था। यहां लगी दशकों पुरानी मूर्तियों को भी लोगों ने तोड़ दिया। आरोप है कि इस तोड़फोड़ में कई महंतों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।

प्राचीन देवी मंदिर डासना के महंत यति बाबा नरसिहानन्द सरस्वती जी महाराज ने सोमवार को प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर साफ कहा था कि मंदिर में राम के साथ रावण की स्थापना नहीं होने दी जाएगी। सोमवार को महंतों की प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई और मंगलवार को बिसखर में तोड़फोड़ की गई। लेकिन गांव के 80 फीसदी लोगों का कहना है कि रावण की मूर्ति किसी भी हालत में मंदिर में लगेगी, जिसके लिए पंचायत चल रही है।

गांव के 80 फीसदी लोग रावण की पूजा करते हैं। इसीलिए वो इस तोड़फोड़ से बेहद नाराज़ हैं। तोड़फोड़ के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और इसकी जांच हो रही है।