जिसके साथ हुई लूटपाट, उसी से हर्जाना मांग रहा है रेलवे

मध्यप्रदेश (22 फरवरी): मध्यप्रदेश की बेटी को रेलवे ने 50 हजार रुपये हर्जाना भरने के लिए खत भेज दिया है। रति त्रिपाठी नाम की यह लड़की दिल्ली से उज्जैन जाते वक्त ट्रेन में बदमाशों ने लूटपाट का विरोध करने पर एमपी के बीना में चलती ट्रेन से फेंक दिया था, लेकिन अब रेलवे उस घटना को ही झूठा करार दे रही है।

रेलवे कहती है कि इस लाचार लड़की ने रेलवे की मानहानी की है। इसलिए इसे या इसके परिवार को 50 हजार रुपये बतौर हर्जाना रेलवे को देना चाहिए। करीब दो साल पहले य़ानी नवंबर 2014 में रति त्रिपाठी दिल्ली से उज्जैन के लिए मालवा एक्सप्रेस में सफर कर रही थीं, तभी कुछ बदमाशों ने उससे लूटपाट की कोशिश की। लेकिन रति के विरोध करने पर बदमाशों ने उसको बीना के पास चलती ट्रेन से बाहर फेंक दिया। इसके बाद रति का भोपाल के बंसल हॉस्पिटल में 3 महीने तक इलाज चला। ढाई महीने रति कोमा में रही।

इस लापरवाही को 2 साल का वक्त बीत चुका है, रति अब भी ठीक से बोल नहीं सकती। ठीक से चल नहीं सकती है, लेकिन इसके बावजूद रेलवे कह रही है कि इसने रेलवे की मानहानी की है। जानकारी के मुताबिक रति के परिजनों ने रेलवे से 5 लाख रुपये का मुआवजा मांगा, जिसके बाद रेलवे की तरफ से कोई मदद तो नहीं हुई। उल्टा रेलवे ने रति और उसके परिवार को दोषी ठहरा दिया कि वो रेलवे की मानहानी कर रहे हैं। रेलवे का कहना था कि रति के परिजनों की ऐसी मांग से रेलवे का मान घटेगा। हालांकि रति के परिजनों का कहना है कि उन्होंने रति के लिए रेलवे से कोई मदद नहीं मांगी है।

देखिए पूरी रिपोर्ट:

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