पाक सीमा को पार कर भारत आया दुर्लभ सफेद चिंकारा!

नई दिल्ली (3 अगस्त): सरहदे इंसानों के लिए बनाई गई है लेकिन पशु और पक्षियों को सरहदों से कुछ लेना देना नहीं होता। वे तो पूरी धरती को अपना घर मानते है। कुछ ऐसा ही उदहारण जोधपुर में ईलाज के लिए लाए गए सफेद चिंकारे को देखकर को मिला जहां सरहद पार से आए दूर्लभ सफेद चिंकारे का ईलाज जोधपुर के रेस्क्यू सेंटर मे वन्यजीव चिकित्सक राठौड़ कर रहे है। 

दरअसल यह चिंकारा बाड़मेर के धोरो 29 जुलाई को विचरण करता मिला और चिकित्सकों का अनुमान है कि यह सरहद पर लगी कंटीले तारों से घायल हो हुआ है। बाड़मेर के वन अधिकारियों ने जोधपुर पशु चिकित्सालय में उपचार के लिए छोड़ा। बाड़मेर के वन्य अधिकारियों की माने तो पूरे बाड़मेर क्षेत्र मे सरहद के अलावा कहीं भी कंटीले तार नहीं लगे है।   रेस्क्यू के डॉक्टर श्रवणसिंह ने बताया कि हालांकि सफेद चिंकारा कोई प्रजाति नहीं लेकिन लाखों चिंकारों में एक चिंकारा होता है जिसका रंग सफेद होता है। इस लिहाज से इसे दूर्लभ प्राणी की श्रेणी में रखा गया है। जोधपुर रेस्क्यू शुरू होने के बाद यह पहला मामला है जब किसी सफेद चिंकारे को ईलाज केे लिए लाया गया है। इसके अलावा कई पशु चिकित्सक तो ऐसे है जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कभी सफेद चिंकारे को देखा तक नहीं। दूर्लभ चिंकारे का ईलाज जोधपुर के रेस्क्यू सेंटर मे चल रहा है और उम्मीद है कि जल्द ही चिंकारा स्वस्थ होकर वापस खुले में  छोड़ दिया जाएंगा।