देश में नहीं थम रहा महिलाओं पर अत्याचार, रेप के मामलों में 12.4 % की बढ़ोत्तरी- NCRB

women crime mp number one 30 11 2017

नई दिल्ली (1 दिसंबर): यूपी की सरकारें भले ही प्रदेश  में अपराध कम होने का दंभ भरती रही हों लेकिन राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी)  ने अपराध पर 2016 की जो रिपोर्ट पेश की है वह काफी डराने वाली है। 2015 के मुकाबले 2016 में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में बढ़ोतरी हुई है। 2015 में 3,29,243 मामले दर्ज हुए थे, वहीं साल 2016 में यह बढ़कर 3,38,954 हो गए। देश में बलात्कार के मामले 2015 (34,651) के मुकाबले 12.4% बढ़कर 2016 में 38,947 दर्ज किए गए। 

मौजूदा सरकार में अनुसूचित जातियों और जनजातियों के खिलाफ अत्याचार और अपराध के मामलों में पिछले साल बढ़ोतरी हुई। 2016 में अनुसूचित जातियों के खिलाफ अत्याचार/अपराध की संख्या 5.5% बढ़कर 40,801 हो गई, जबकि 2015 में इसकी संख्या 38,670 थी।

वहीं अनुसूचित जनजातियों के खिलाफ भी अपराध के मामलों में 4.7% की बढ़ोतरी आई है। साल 2015 (6,276) के मुकाबले यह बढ़कर 6,568 हो गई। 

राज्यों में उत्तर प्रदेश पिछले साल हत्या के दर्ज मामलों में सबसे अव्वल स्थान पर आया है। देश के हत्या के कुल दर्ज मामलों का 16.1% (4,889) यूपी में दर्ज हुए, वहीं दूसरे नंबर पर बिहार, 2,281 (8.4%) का स्थान है।

महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामले में भी यूपी सबसे ऊपर है, जहां कुल दर्ज अपराध का 14.5% (49,262) मामला 2016 में दर्ज किया गया। इसके बाद पश्चिम बंगाल में कुल अपराध के (9.6%) 32,513 मामले दर्ज किए गए।

वहीं रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश 4,882 (12.5%) और उत्तर प्रदेश 4,816 (12.4%) में सबसे ज्यादा बलात्कार के मामले दर्ज किए गए हैं। उसके बाद महाराष्ट्र 4,189 (10.7%) का स्थान तीसरे नंबर पर है। बता दें कि इन तीनों राज्यों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सरकारें हैं।

साल 2016 में विभिन्न अपराधों के लिए कुल 37,37,870 लोगों को पूरे देश से गिरफ्तार किया गया, जबकि 32,71,262 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। 7,94,616 लोगों को दोषी पाया गया और 11,48,824 लोगों को छोड़ दिया गया।