विराट कोहली ने खिलाड़ियों की फिटनेस के बारे में कही ये बातें


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न्यूज 24 नई  दिल्ली (19 फरवरी) ः क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने देश का नेतृत्व करते हुए कहा कि फिटनेस के मामले में किसी तरह की कोई कोताही नहीं बरती जाए। इसी  कदम पर चलते हुए जल्द ही भारतीय क्रिकेट प्रणाली में ऐसी व्यवस्था की जाएगी, जिसमें राज्यों की टीमों को बड़ी टीमों का अनुसरण करना होगा। इसका मकसद राज्य टीम और राष्ट्रीय टीम के बीच फिटनेस की खाई को कम करना है, ताकि युवा खिलाड़ी आसानी से हाल ही में, बेंगलुरू में राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी  में एक कार्यशाला आयोजित की गईष 

  

 जहां भारतीय टीम के स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग कोच शंकर बसु ने राज्य की कुछ टीमों के कोचों के साथ सत्र आयोजित किया। इस कार्यशाला में प्रशिक्षकों को शारीरिक और सामरिक प्रशिक्षण सहित विभिन्न परीक्षणों से गुजरना पड़ा। एनसीए में इस कार्यशाला के दौरान भारत A टीम के कोच राहुल द्रविड़ और सीनियर टीम के क्षेत्ररक्षण कोच आर श्रीधर भी मौजूद रहे।

यह पता चला है कि बसु को एक व्यापक स्ट्रेंथ और कंडीशनिंग प्रणाली का खाका तैयार किया है, जिसका बीसीसीआई की सभी इकाइयों के प्रशिक्षकों को निकट भविष्य में पालन करना पड़ सकता है। बीसीसीआई के एक अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर बताया। यह अभी शुरुआती दौर में ही है, जिसमें बीसीसीआई प्रशिक्षण प्रणाली में एक रूपता लाना चाहता है। इसे दोनों नजरिए से देखा जा सकता है। एक तो इससे प्रथम श्रेणी के क्रिकेटर ज्यादा फिट होंगे और दूसरा प्रशिक्षकों को भी अपने स्तर को सुधारने का मौका मिलेगा।

मौजूदा समय में विभिन्न टीमों की अपनी प्रशिक्षण प्रणाली है, जिसमें से कुछ ने यो-यो टेस्ट को भी लागू किया है, लेकिन यह राष्ट्रीय टीम की तरह जरूरी नहीं है, जहां खिलाड़ियों को टीम में जगह पक्की करने के लिए कम से कम 16.1 अंक हासिल करना होता