8 साल पहले रखी थी फ्लाईओवर की नींव, अब भी है अधूरा

सैय्यदा अफीफा, नई दिल्ली (4 अप्रैल): दिल्ली में एक फ्लाईओवर की नींव करीब 8 साल पहले रखी गई, लेकिन आज तक वो बन कर तैयार नहीं हुआ। जी हां, हम बात कर रहे हैं 'रानी झांसी फ्लाईओवर' की और जिस रफ्तार से काम चल रहा है, उससे नहीं लगता कि दिल्ली के लोगों को जल्दी इस फ्लाईओवर का सुख मिलने वाला है।

हो सकता है कि तीस हजारी कोर्ट या स्टेफ़ेंस अस्पताल के पास से गुजरते हुए आप इस अधूरे फ्लाईओवर की वजह से लगे जाम में फंसे भी हों। 2008 में जब इसकी नींव रखी गई थी, तब इसका बजट 177 करोड़ रुपये था। अब से खर्च बहुत बढ़ गया है। इस फ़्लाईओवर को सेंट स्टेफ़ेंस अस्पताल से शुरू होकर, बर्फ़ खाना चौक, आज़ाद मार्केट चौक, ड़ीसीएम चौक, फ़िल्मिस्तान होते हुए रानी झांसी रोड तक जाना था।

दरअसल, इस फ्लाईओवर की राह में पड़ने वाले करीब 400 घर और दुकानों का मुआवजा ही 500 करोड़ रुपये है। जब इसकी नींव रखी गई तो लोगों के उम्मीद थी कि ISBT से धौलाकुआं जानेवाले लोगों को ट्रैफिक जाम से छुटकारा मिलेगा। लेकिन आज की तारीख में इस रूट से जाने में जहां 10 मिनट लगते थे, वहां ट्रैफिक जाम की वजह से एक से डेढ़ घंटे तक लग जाते हैं।

इस पुल को बनाने का काम अहमदाबाद की एक कंपनी को दिया गया था। लेकिन कई तरह के पेंचों में से पिछले 8 साल से फंसा हुआ है। अब उत्तरी दिल्ली के मेयर दावा कर रहे हैं कि ये जल्द ही बन कर तैयार हो जाएगा। फिलहाल निगम के पास पैसा नहीं है और फ्लाईओवर का निर्माण कार्य बंद है। इस फ्लाईओवर के रूट में चर्च, मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारा चारों हैं, लेकिन इस इलाके में रहने वाले लोग रोज यही प्रार्थना करते हैं कि ये फ्लाईओवर जल्द बन कर तैयार हो जाए, जिससे रोज-रोज के ट्रैफिक जाम से छुटकारा मिले।