रणबीर को याद आती है दादा राज कपूर के जमाने की होली, देखिए VIDEO

न्यूज 24 ब्यूरो, मुंबई (21 मार्च): होली का ख़ुमार चढ़ा है। हर बार की तरह इस बार भी चढ़ा है लेकिन आज तक हमने कम से कम रणबीर कपूर को जो होली मनाते देखी है। वो तो बस - बलम पिचकारी यानि ये जवानी है दीवानी के गाने पर ही देखी है। क्योंकि आज हम आपको दिखाएंगे सांवरियां के उपर जब होली के रंगों का असर होता है..तो पूरा बस क़हर ही होता है।

 गाने की मस्ती तो आपने देखी है,लेकिन परदे के पीछे वाली रंग रंगीली होली का मज़ा - कपूर घराने के इस साहबज़ादे ने मौका मिलते ही लिया है। लेकिन इस होली से - रणबीर का दिल नहीं भरता.. उन्हे रह-रह के याद आती है आर.के फ़िल्म्स की वो फेमस होली जो उऩ्होने बचपन में देखी थी। देखा जाए तो असली तो रणबीर के पापा और दादाजी खेलते थे। पूरा कपूर खानदान एक साथ जुटता था और फिर शुरु होती थी होली रंग रंगीली।जरा इन्हें देखिए पहचाना, ये है लिटिल रणबीर कपूर जो कि होली पर रंगों से दूर दिख रहे है। मम्मी नीतू के गोद में बैठकर होली के पकवान खा रहे हैं। अब यही रणबीर बड़े हो गए है और उन्होंने ऐसी खेली होली कि सबको याद आने लगी राजकपूर की होली 

 बॉलीवुड में आर. के. स्टूडियो की होली के जलवे बेहद मशहूर रहे हैं।  उमंग, उत्साह, मस्ती और रंगारंग माहौल में होली यहां कई सालों तक मनाई जाती रही।  रहा। आर. के. की इस होली परंपरा की शुरुआत पृथ्वीराज कपूर के जमाने से हुई। जिसे  राज कपूर ने कई सालों तक रखा और उस जमाने में शायद ही कोई फिल्मी हस्ती हो जिसनें इस होली का मजा नहीं लिया होगा । राज कपूर के जमाने में आर.के स्टूडियो में होली मनाने की परंपरा स्टूडियो में लगे पृथ्वीराज कपूर और उनकी पत्नी की पूजा और उन्हें याद करने के साथ शुरू होती थी इसके बाद पूरा कपूर खानदान स्टूडियो में बने बड़े से लॉन में होली की हुड़दंग में शामिल हो जाता था। और इसकी शुरुआत होती थी स्टूडियो में बने एक छोटे से टैंक से जिसमें गाढ़ा रंग भरा जाता था और इस रंग भरे हौज में सभी को कम से कम एक डुबकी लगानी होती थी। ये देखिए कैसे इस रंगों भरी पुल में रनधीर कपूर....डुबकी लगा रहे हैं राजीव कपूर को भी टैंक में ढकेल दिया जाता है लेकिन होली का रंग और भंग की मस्ती का सबसे ज्यादा असर राज कपूर और उनके भाई शम्मी कपूर होता था ये देखिए राज कपूर साहब भंग की मस्ती में चूर कैसे अपनी शक्ले बनाते थे । रणबीर तो कह ही चुके हैं. उनको दोबारा से आर.के फ़िल्म्स मे ऐसी ही होली का सिलसिला शुरु करना हैं... ताकि फ़िल्मी होली को देखकर जी ना बहलाना पड़े... भई रंगरसिया ये भी कम तो हैं नहीं।