खैरात नहीं है आरक्षण, समझौते के तहत हुआ था लागू: पासवान

नई दिल्ली (21 जनवरी): अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य के आरक्षण को लेकर दिए गए बयान पर अब केंद्रीय मंत्री और दलित राजनीति के बड़े चेहरों रामविलास पासवाल ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आरक्षण बाबा साहेब अम्बेडकर और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बीच हुए 'पूना पैक्ट' समझौते के तहत लागू किया गया था। यह कोई खैरात नहीं है।

रामविलास पासवान ने ट्वीट के जरिए लिखा,'पीएम नरेंद्र मोदी ने साफतौर पर स्पष्ट किया है कि जब तक वह जिंदा हैं, तब तक देश में आरक्षण लागू रहेगा। आरक्षण दान नहीं है। आज देश की 85 फीसदी जनता को आरक्षण का लाभ मिलता है और ऐसे में इसे खत्म कर देना नामुमकिन है।'

बता दें कि मनमोहन वैद्य ने आरक्षण पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि आरक्षण से अलगाव पैदा होता, इसे खत्म होना चाहिए। हालांकि, वैद्य ने इसकी भी वकालत की है कि जबतक गैर-बराबरी है तब तक आरक्षण जारी रहे। उन्होंने कहा था कि आरक्षण को खत्म करना चाहिए और इसकी जगह ऐसी व्यवस्था लाने की जरूरत है जिसमें सबको समान अवसर और शिक्षा मिले।

उन्होंने कहा कि अगर लंबे समय तक आरक्षण जारी रहा तो यह अलगाववाद की तरफ ले जाएगा। संघ प्रचारक ने कहा, 'किसी भी राष्ट्र में हमेशा के लिए ऐसे आरक्षण की व्यवस्था का होना अच्छी बात नहीं है। सबको समान अवसर और शिक्षा मिले।' हालांकि, वैद्य ने साथ में यह भी कहा कि जब तक समाज में भेदभाव रहे और जब तक सबको समान अवसर न मिले, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए।