दो केंद्रीय मंत्रियों ने PM मोदी की बढ़ाई मुश्किलें, उच्च न्यायपालिका में मांगा आरक्षण

पटना (15 अप्रैल): SC-ST एक्ट को लेकर घमासान के बीच अब न्यायपालिका में भी आरक्षण की मांग उठने लगी है। ये मांग किसी और ने नहीं बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के दो मंत्रियों ने की है। केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मंत्री रामविलास पासवान और केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के जजों की नियुक्ति में आरक्षण की मांग की है। दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए उच्च न्यायपालिका में आरक्षण लागू करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों का उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं है।

भीमराव अंबेडकर की जयंती पर पटना में आयोजित दलित सेना के राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए रामविलास पासवान ने कहा हमें न्यायापालिका में आरक्षण हासिल करने के लिए आंदोलन शुरू करना चाहिए। पासवान ने बिहार में निचली और उच्च न्यायिक सेवाओं में आरक्षण लाने के लिए नीतीश कुमार सरकार की सराहना की। 

वहीं केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि देश में आरक्षण खत्म करने की बात कोई भी नहीं सोच सकता है। उन्होंने कहा कि हम अधिक आरक्षण की मांग करेंगे। हम अपना मिशन पूरा होने तक नहीं रुकेंगे। ये दिल मांगे मोर।' उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की एक प्रणाली बनानी चाहिए, जहां गरीब लोग सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के न्यायाधीश बन सकें।