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रामपुर: डेंगू और मलेरिया बना लोगों की जान का दुश्मन, 6 लोगों की मौत

यूपी के रामपुर में डेंगू का प्रकोप दिन ब दिन अब बढ़ता ही जा रहा है, जिसमे डेंगू के डंग से न.जाने कितने लोग बीमार है और आधा दर्जन लोगों की मौत हो गई है। ज़िले के टांडा क्षेत्र में हुई हैं।

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली(6 नवंबर): यूपी के रामपुर में  डेंगू का प्रकोप दिन ब दिन अब बढ़ता ही जा रहा है, जिसमे डेंगू के डंग से न.जाने कितने लोग बीमार है और आधा दर्जन लोगों की मौत हो गई है। ज़िले के टांडा क्षेत्र में हुई हैं। मौतें और केमरी क्षेत्र के रहसेन गांव में हुई है, डेंगू मलेरिया से मौत पर अधिकारी इन मौतों का अकड़ा बताने से घबरा रहे हैं, क्योंकि उन्हें यह भी बताना होगा कि डेंगू से निजात पाने के लिए विभाग द्वारा क्या कदम उठाए जा रहे हैं। सवाल कई हुए खड़े वहीं, मौत की संख्या ज्यादा होने पर अब मलेरिया विभाग जागा है विभाग की ओर से अब जांच की जा रही है। 

 टांडा और केमरी में हुई मौतों की विस्तार से जानकारी गांव रहसैना में डेंगू के प्रकोप के चलते पिछले पांच दिन में महिला समेत चार व्यक्तियों मौत हो गई हैं। वहीं टांडा में भी 5 लोगों की मौत हुई है, जिसमे मलेरिया विभाग जांच में जुट गया है और 12 व्यक्तियों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है गांव में बीमारी को लेकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। अभी तक स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोई इंतजाम नहीं किया गया है। ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति रोष व्याप्त है।

 

केमरी क्षेत्र के ग्राम रहसैना में, इस समय डेंगू का प्रकोप चल रहा है। गांव निवासी रामप्रसाद के मुताबिक उसके 38 वर्षीय पुत्र भूरा सैनी को चार दिन से लगातार बुखार आ रहा था, जिसका इलाज डेंटल हॉस्पिटल मुरादाबाद से चल रहा था। जांच के दौरान उसके शरीर में डेंगू के लक्षण मिले थे। उनका इलाज उक्त अस्पताल में चल रहा था। इलाज के दौरान दो दिन पहले उसकी मौत हो गई। गांव निवासी 40 वर्षीय अशरफिया देवी पत्नी बाबूराम को तीन दिन से बुखार आ रहा था। उनकी इलाज के दौरान रविवार को मौत हो गई। इसी क्रम में डेंगू से पीड़ित 50 वर्षीय मंगली कश्यप को चार दिन से बुखार आ रहा था। 

इलाज के दौरान उसकी शनिवार को मौत हो गई। 25 वर्षीय कपिल कुमार को पांच दिन से बुखार आ रहा था इलाज बरेली से चल रहा था, लेकिन परिजनों ने बताया कि जब वह इंदौर गया तो वहां पर कमरे पर उसकी तेज बुखार आने से मौत हो गई।इलाज के लिए कई अस्पतालों में भर्ती कराया। विद्या देवी, पप्पू, चित्रा, यासमीन, परमेश्वरी लाल, सोमपाल, मोहित, भगवान दास यह सभी लोग डेंगू से पीड़ित हैं। इनका इलाज राममूर्ति अस्पताल बरेली, जिला अस्पताल रामपुर, रुद्रपुर उत्तराखंड, डेंटल हॉस्पिटल मुरादाबाद से चल रहा है। भयंकर बीमारी होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग को ग्रामीणों की कोई चिता नहीं है।

 

वही ग्राम प्रधान शमसुद्दीन के मुताबिक कई बार पत्र जिला चिकित्साधिकारी दिया गया, लेकिन आज तक हमारे गांव की ओर स्वास्थ्य विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया है। प्रभारी चिकित्साधिकारी मिलक डॉक्टर मोहित ने बताया कि मृतकों के बारे में कोई सूचना अभी तक हमारे पास नहीं आई है। गांव में दो बार दवाई का छिड़काव करा दिया गया है। डेंगू के प्रकोप से निबटने के लिए ग्रामीणों को उचित संसाधन प्रयोग करके बीमारी पर काबू पाया जाएगा। 

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