अब रामगोपाल के बेटे अक्षय ने फोड़ा लेटर बम

नई दिल्ली(24 अक्टूबर): समाजवादी पार्टी में मचे घमासान और पार्टी के महासचिव रामगोपाल को 6 साल के लिए पार्टी से निकालने जाने के बाद उनके सांसद बेटे अक्षय यादव ने एक चिट्ठी लिखकर अपने और अपने पिता में लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया है। अक्षय ने यह भी कहा है कि पापा को पार्टी से निकाले जाने से मैं आहत हूं।

- बता दें कि कल प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिवपाल यादव ने रामगोपाल पर घोटाले का आरोप लगाया था। शिवपाल ने कहा था, ‘’रामगोपाल यादव अपने बेटे और बहू को सीबीआई जांच से बचाने के लिए सीएम अखिलेश यादव को गुमराह कर रहे हैं और वह तीन बार बीजेपी नेता से भी मिल चुके हैं।’’

- रामगोपाल यादव के बेटे अक्षय यादव फिरोजाबाद से लोकसभा सांसद हैं।

- समाजवादी पार्टी से जिस तरह मेरे पिता को निकाला गया, उससे मैं आहत हूं। मेरे पिता, मुझ पर व मेरी पत्नी पर आरोप लगाए हए, यह सभी गलत हैं। 2012 में जब समाजवादी पार्टी भारी संख्या में जीती तब माननीय श्री शिवपाल यादव सिंह जी ने श्री अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री न बनाए जाने लिए भरपूर कोशिश की। क्योंकि उनकी महत्वाकांक्षा थी कि वे मुख्यमंत्री बनें।

- जब केंद्रीय संसदीय बोर्ड की बैठक बुलाई गई उसमें श्री अखिलेश यादव को विशेष आमंत्रित किया गया। इसका भी विरोध किया। जब श्री अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने के बारे में चर्चा हुई तो श्री शिवपाल यादव जी ने अंदर अलग बात करने के लिए कहा। लेकिन नेताजी ने उसमें मेरे पिता और श्री अखिलेश यादव को बुला लिया, जिसमें उन्होंने धमकी दी अगर अखिलेश यादव मुख्यमंत्री होंगे तो मैं मंत्री पद शपथ नहीं लूंगा। जिस पर मेरे पिता ने विरोध किया, उसी दिन से वह मेरे पिता से नाराज़ रहने लगे। क्योंकि मेरे पिता उनकी महत्वाकांक्षा के बीच आ गए।  इसके बाद वह हमेशा साजिश में रहने लगे। किसी तरह वह मुझे, मेरे पिता व श्री अखिलेश यादव को बर्बाद कर सकें, उसी में लगे रहे और उसी के तहत साजिश का दौर चालू हो गया। 

- मैं फिरोजाबाद से चुनाव लड़ा, जीता, लेकिन मेरे क्षेत्र में कभी भी पीडब्ल्यूडी या कोई भी विभाग जो कि श्री शिवपाल जी के पास थे उनसे काम नहीं कराया गया। तब मजबूरी में मेरे पिता ने माननीय नेताजी को पत्र लिखा, बात की और माननीय मुख्यमंत्री जी ने आकर अपने मुख से घोषणा की तब काम होने चालू हुए। मेरे पास साक्ष्य हैं कि उन्होंने मुझे हरवाने की कोशिश की। मेरे पिता पर आरोप लगाया कि वे बीजेपी के नेताओं से मिले तो क्या यह सत्य नहीं कि श्री शिवपाल जी जुलाई के महीने में एक बीजेपी के सांसद के साथ बीजेपी के एक बहुत बड़े नेता से मिलने पहुंचे।

- क्या उनके पुत्र का रिसेप्शन श्री अमर सिंह व बीजेपी के एक सांसद द्वारा नहीं किया गया।

- क्या जब एक बीजेपी सांसद जीता तो उसकी जीत की पार्टी में आप शामिल नहीं हुए।

- इन्हीं सब जगहों पर यह भी तय हुआ कि किसी तरह समाजवादी पार्टी की सरकार न बनने पाए। श्री शिवपाल जी थोड़ी बहुत सीटें जीत लें तो शिवपाल सिंह जी को मुख्यमंत्री बना देंगे।

- श्री अखिलेश यादव मेरे आदर्श हैं, मैं उनकी बड़ी इज्जत करता हूं। वह एक ऐसे लीडर के रूप में उभरे हैं जिसे पिछले साढ़े चार साल में दबाने की कोशिश की गई। अपनी मर्जी से काम नहीं करने दिया गया। मानसिक रूप से परेशान किया गया लेकिन उन्होंने किसी की परवाह किए बिना सरकार को अच्छे से चलाया व प्रदेश का नाम रोशन किया। हाल में उनके साथ इतना बुरा व्यवहार तक किया गया कि जब वह अपने नए मकान में शिफ्ट हुए तो उनका कुछ सामान पुराने मकान में रखा रह गया, वह सामान कमरे से फिंकवाकर उसमें ताला लगवा दिया गया और वे लोग ताला डालकर विदेश चले गए।

- मुझे किसी को आहत पहुंचाने का मन नहीं था। मेरे पिता के साथ अन्याय हुआ है जिसका मैं विरोध करता हूं।