2016 में सुर्खियों में रहे सपा के ये 2 बागी...

नई दिल्ली (31 दिसंबर): साल 2016 के बागी की बात होगी तो सियासत से जुड़े ये 2 नाम सबसे पहले सामने आएंगे, अखिलेश यादव और चाचा शिवपाल यादव। 25 साल पुरानी समाजवादी पार्टी 6 महीने में 2 बार टूटी और 2 बार संभली।

साल के आखिरी 24 घंटे में मुलायम सिंह यादव ने अपने बेटे अखिलेश और भाई रामगोपाल यादव को पार्टी से 6 साल के लिए बाहर निकाल दिया और 18 घंटे  बाद फिर पार्टी में शामिल कर लिया। द ग्रेट समाजवादी दंगल के ये 2 बड़े किरदार थे अखिलेश यादव और शिवपाल यादव।

2016 की इस बग़ावत की शुरुआत जून के महीने में हुई जब शिवपाल यादव ने मुख्तार अंसारी की पार्टी कौमी एकता दल का सपा में विलय कराया। अखिलेश को ये फैसला नागवार गुजरा, उन्होंने पब्लिकली इसका विरोध किया। जुलाई में जब चाचा-भतीजा के बीच तनातनी बढ़ने लगी तो मुलायम ने एक बयान में कहा- इलेक्शन के बाद पार्टी विधायक तय करेंगे कि सीएम 

कौन बनेगा।

शिवपाल ने एक बयान में कहा- कुछ लोगों को सत्ता विरासत में मिल जाती है, कुछ की जिंदगी सिर्फ मेहनत करते गुजर जाती है। अक्टूबर में अखिलेश ने शिवपाल और उनके समर्थक चार मंत्रियों को बर्खास्त कर दिया। साथ ही एक बाहरी का नाम लिया। इसके बाद रजत जयंती समारोह में मुलायम के सामने अखिलेश-शिवपाल के समर्थक भिड़े। माइक की छीना-झपटी हुई, किसी तरह मामला शांत हुआ तो साल के आखिर में उम्मीदवारों की लिस्ट को लेकर हंगामा हो गया।