मिसाइल बनाने की तैयारी कर रहा था राम-रहीम!

नई दिल्ली (22 सितंबर): राम रहीम अय्याश ही नहीं था, बताया जा रहा है कि डेरे में राम रहीम बम और बारूद से भी बड़ी साजिश रच रहा था। राम रहीम के पापलोक में मिसाइल बनाने की तैयारी चल रही थी। राम रहीम डेरे को इतना ताकतवर बना देना चाहता था कि अगर सुरक्षाबल डेरे में दाखिल हों तो वो लोहा ले सके।

राम रहीम के बारे में सबसे सनसनीखेज वायरल मैसेज ये है कि वो अपने डेरे में मिसाइल टेस्ट करने वाला था। वायरल खबर ये है कि डेरे में 16 साल पहले एक ऐसे प्रतिभाशाली छात्र को लाया गया, जिसका मिसाइल टेक्नोलोजी में ऐसा दिमाग चलता था कि मिसाइलमैन अबुल कलाम तक उसकी तारीफ कर चुके थे। वायरल खबर है कि अखबारों में छपी उसकी तस्वीरों ने राम रहीम की नीयत बदल दी।

राम रहीम इस मिसाइल साइंस के स्टूडेंट को अपना चेला बनाकर तबाही का वो सामान हासिल करना चाहता था, जो उसके इशारे पर मौत बरसाता। इस वायरल वीडियो में कही बात का वजन इसलिए भी बढ़ जाता है, क्योंकि राम रहीम के डेरे से हथियारों का जखीरा जब जब्त हुआ तो हर कोई हैरान था कि खुद को संत बताने वाले राम रहीम के आश्रम में इतनी बंदूकों की जरूरत क्यों पड़ी ?

लेकिन इससे आगे की खबर ज्यादा खतरनाक है। ऐसे मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं कि राम रहीम सिर्फ बंदूकें ही नहीं बल्कि इससे आगे की तैयारी में था। उसकी तैयारी इससे कहीं आगे बम और मिसाइलों का जखीरा जुटाने की थी। इस खबर की परीक्षा में हमने वायरल खबर में चल रहे अखबारों की कतरनों की बारीकी से परीक्षा की। इन अखबारों में वीरेन्द्र नाम के छात्र की तारीफ में खबरें लिखी थीं। हमने इन अखबारों की कतरनों को जब रिकॉर्ड से मिलाया तो ये खबरें सही साबित हुईं।

हमें अब तक ये तो पता चल चुका था कि कैथल का वीरेन्द्र नाम का होनहार छात्र 11वीं क्लास में मिसाइल का सफल मॉडल बनाने की वजह से चर्चा में आया था। लेकिन वीरेन्द्र से डेरे और राम रहीम का क्या लिंक है और राम रहीम कैसे वीरेन्द्र के जरिये साजिश रच रहा था ये साफ होना अभी बाकी था।

वायरल मैसेज के मुताबिक राम रहीम बम और मिसाइलों का जखीरा जुटाना चाहता था। हमारी टीम वीरेन्द्र की तलाश करते हुए कैथल में उसके घर तक पहुंची। हमने वीरेन्द्र से बात की तो हैरान रह गए। स्कूल के समय में वीरेन्द्र ने मिसाइल और नए तरह के टैंक के मॉडल तैयार किए थे। तत्कालीन राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने भी साइंस एक्जिबिशन में रखे वीरेन्द्र के मॉडल देखे थे और उनकी काफी तारीफ भी की थी। इस दौरान वीरेन्द्र के मिसाइल मॉडल्स की जमकर चर्चा हुई थी।

वीरेंद्र की खबर राम रहीम तक भी पहुंची और उसके दिमाग में शैतानी साजिश जन्म लेने लगी। उसने वीरेंद्र को अपने स्कूल में फ्री एजुकेशन के लिए न्यौता दिया और तब राम रहीम के आभामंडल को देखते हुए वीरेंद्र ने भी उसका न्यौता स्वीकार लिया। वीरेन्द्र ने आश्रम के स्कूल में दाखिला ले लिया और अपने रिसर्च पर काम करना शुरू कर दिया। वीरेन्द्र के लिए कोई फीस नहीं थी। राम रहीम ने वीरेंद्र को अपने आश्रम में खास दर्जा दिया था।

ये तो साफ हो गया कि राम रहीम ने अपने डेरे में मिसाइल एक्सपर्ट को अपना समर्थक बनाने की कोशिश की थी। वीरेन्द्र ने ये भी स्वीकार किया कि राम रहीम उससे बिना रोक टोक सीधे मिलता था। हमारी पड़ताल में ये खबर सच साबित हुई कि लेकिन ये बात कि राम रहीम के डेरे में मिसाइल टेस्ट होने वाला था इस बात की कोई पुष्टि नहीं हुई।