नेपाल में दिखी 'हनीप्रीत, जानें क्यों यहां बनाया ठिकाना?

नई दिल्ली ( 18 सितंबर ): डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की सबसे बड़ी राजदार हनीप्रती को पूर्वी नेपाल में देखा गया। न्यूज़ 24 की खबर की पुष्टि नेपाल की जांच एजेंसी ने भी की है। हनीप्रीत को पूर्वी नेपाल के महेंद्र नगर में देखा गया है जहां से वो नारायण घाट की तरफ गई है। नेपाली  मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो हनीप्रीत सुनसरी जिले में छिपी हुई है, लेकिन आज आपको बताएंगे कि आखिर फरारी के बाद हनीप्रीत ने नेपाल को ही अपना ठिकाना क्यों चुना?

हनीप्रीत जिस कार से निकली थी, वो कार कुछ दिन पहले यूपी के लखीमपुर के जंगलों में मिली। इसके आधार पर शक गहरा गया था कि हनीप्रीत बॉर्डर पार करके नेपाल भाग गई है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि हनीप्रीत ने नेपाल के महेंद्रनगर से एंट्री लेकर पूर्वी नेपाल के इलाके में पनाह ली है। यह वही इलाका है जो सुनौली बॉर्डर से लगा है। हालांकि रविवार को हनी प्रीत के बारे में खबर आई कि उसे एक नेपाली नंबर की गाड़ी में महेंद्र नगर से नारायण घाट वाले इलाके में देखा गया है। यहां से दो रास्ते है एक पोखड़ा जाता है दूसरा काठमांडू। चूंकि नेपाल में सोमवार को कई हिस्सों में लोकल बॉडी का चुनाव है इसलिए यहां सुरक्षा के सख्त इंतजाम है। वाहनों की जांच हो रही है।

हनीप्रीत ने फरारी के बाद नेपाल को ही क्यों चुना इसकी भी एक बड़ी वजह सामने आई है। नेपाल और भारत के बीच प्रत्यर्पण संधि न होने का लाभ हनीप्रीत को मिल सकता है। हनीप्रीत को वहां से गिरफ्तार करके औपचारिक रूप से भारत नहीं लाया जा सकता। 

ऐसी स्थिति में गिरफ्तारी के तुरंत बाद उसे हरियाणा पुलिस अपने साथ नही ले जा सकती है। एक और बड़ा कारण है कि हनी प्रीत का हुलिया और चेहरा नेपाली लड़कियों से मिलता जुलता है जिससे नेपाल में उसे तलाश करना काफी मुश्किल है। जबकि तीसरी बड़ी वजह है 2015 के भूकंप के दौरान राम रहीम जब नेपाल गया था तो बड़ी संख्या में उसके समर्थक बने थे जो आज हनीप्रीत को मदद कर सकते हैं। जिस इलाके में डेरा से जुड़े लोग रहते हैं वो काठमांडू से करीब डेढ़ सौ किलोमीटर दूर है। वहां के लोग भारतीय चैनल भी नहीं देखते हैं और नेपाल की मीडिया में बहुत नहीं दिखाया जा रहा है।