राम रहीम की और बढ़ेंगी मुश्किलें, इस केस में भी शुरू होने जा रही बहस

न्यूज24 ब्यूरो,नई दिल्ली (17 जनवरी): साध्वी यौन शोषण के मामले में सुनारिया जेल में सजा भुगत रहे डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में सीबीआई की विशेष अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। 16 साल पुराने मामले में कोर्ट ने गुरमीत राम रहीम को उम्रकैद की सजा का ऐलान किया है। इस मामले में राम रहीम के अलावा तीन अन्य दोषियों कुलदीप सिंह, निर्मल सिंह और कृष्ण लाल को भी उम्रकैद की सजा सुनाई है।  

कुछ मामले और हैं, जिसमें डेरामुखी आरोपी है। हालांकि बचाव पक्ष के पास अभी इस उम्रकैद की सजा को ऊपरी अदालत में चुनौती देने का विकल्प है। लेकिन अन्य मामलों में भी यदि फैसला डेरामुखी के खिलाफ आता है, तो डेरामुखी की मुश्किलें और बढ़ सकती है।

छत्रपति हत्याकांड के अतिरिक्त डेरा प्रबंधक रणजीत सिंह की हत्या का मामला भी सीबीआई की विशेष अदालत में चल रहा है। सीबीआई के वरिष्ठ अधिवक्ता एचपीएस वर्मा के अनुसार इस मामले में तमाम गवाही पूरी हो चुकी है और अब 19 जनवरी को इस मामले में बहस शुरू हो रही है। उम्मीद है इस मामले में भी जल्द फैसला आएगा।

 इस केस में भी डेरामुखी आरोपी है। इसके अलावा डेरामुखी पर एक और गंभीर केस भी सीबीआई अदालत में विचाराधीन है। डेरामुखी पर आरोप है कि उन्होंने अध्यात्म का सहारा लेते हुए डेरे के करीब 400 साधुओं को नपुंसक बनाया है। इस मामले में सीबीआई द्वारा विशेष कोर्ट में चालान पेश कर दिया गया है और केस में अभी सुनवाई चल रही है।

उधर, डेरे के एक अन्य अनुयायी फकीरचंद मर्डर केस की दोबारा जांच करवाने के लिए हाईकोर्ट में अपील करने की तैयारी की जा रही है। इस मामले की जांच भी सीबीआई कर रही थी। लेकिन दिसंबर 2010 में सीबीआई ने इस मामले में अपनी क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी थी, जिसके बाद इस केस में डेरामुखी को बरी कर दिया गया था।