... जब SC ने सीनियर वकील जेठमलानी से पूछा, 'कब रिटायर हो रहे हो?'

नई दिल्ली (23 अगस्त): 90 की उम्र पार कर चुके वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी की पेशेवर सक्रियता कई लोगों को हैरान करती है। वह उम्र के इस पड़ाव पर भी कोर्ट में क्लाइंट के केस लड़ रहे हैं। उनके इसी एज फैक्टर से जुड़ी एक दिलचस्प खबर निकलकर आई है।

'टाइम्स ऑफ इंडिया' की रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली बेंच ने भी जेठमलानी की सक्रियता पर हैरानी जताई। एक केस की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उनसे पूछ ही लिया कि आखिर वह रिटायर कब हो रहे हैं?

जेठमलानी ने भी इस सवाल का जो जवाब दिया वो बेहद खास था, "आखिर माई लॉर्ड यह क्यों पूछ रहे हैं कि मैं कब मरने वाला हूं।" दरअसल, जेठमलानी वकील एमएम कश्यप की ओर से एक सुनवाई में मौजूद थे। धोखाधड़ी के मामले में शामिल होने के आरोप में कश्यप से 2006 में सुप्रीम कोर्ट स्थित उनका चेंबर खाली करा दिया गया था। उन्हें कहा गया था कि केस की सुनवाई तक चेंबर का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन अगर वह दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें इसे खाली करना होगा।

हालांकि कश्यप ने इस मामले में शिकायतकर्ता को कुछ पैसे देकर समझौता कर लिया था। लिहाजा, जेठमलानी का कहना था कि जब मामला ही खत्म हो गया है तो उन्हें चेंबर वापस दे दिया जाए।