पश्चिम बंगाल में हनुमान जयंती को लेकर बढ़ाई गई सुरक्षा, हथियार के साथ रैली करने पर बैन

नई दिल्ली(31 मार्च): पश्चिम बंगाल में हनुमान जयंती समारोह के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। रामनवमी के दौरान हुई हिंसा से सबक लेते हुए पुलिस ने ये कदम उठाया है। 

- पश्चिम बंगाल पुलिस ने अगले दो दिनों के लिए सभी मंदिरों, मस्जिदों और धार्मिक संस्थानों को अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान की है और सशस्त्र रैलियों और जुलूस पर प्रतिबंध लगा दिया है।

- आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नर एलएन मीणा ने कहा, 'हमने प्रदेश में शांति बनाए रखने के लिए कोलकाता और राज्य के अन्य हिस्सों से अतिरिक्त बल बुलवाया है, इस दौरान केवल बिना हथियारों के जुलूस को ही अनुमति होगी।'

- उन्होंने बताया कि पुलिस उन सभी शरारती तत्वों पर बारीकी से नजर बनाए हुए है, जो हिंसा फैलाने का प्रयास कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि 60 से ज्यादा व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है और पुलिस की छापेमारी जारी है।'

- प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को राज्य के डीजीपी, एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर), गृह सचिव और मुख्य सचिव के साथ बैठक की और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए।

- राज्य में राम नवमी उत्सव के दौरान हुई हिंसा की घटनाओं को देखते हुए बीजेपी और विश्व हिन्दू परिषद (VHP) ने हनुमान जयंती के अवसर पर किसी भी बड़ी रैली को नहीं निकालने का फैसला किया है।