नीतीश को 'संघमुक्त' बयान देने पर मिला करारा जवाब

नई दिल्ली (17 अप्रैल): नीतीश कुमार के संघमुक्त बयान पर आरएसएस विचारक राकेश सिन्हा ने उन्‍हें करारा जवाब देते हुए कहा कि नीतीश एक हसीन सपना देख रहे हैं और उससे उनको कोई नहीं रोक सकता। वो ध्यान रखें कि साम्यवादी दल आजादी के समय से ही ऐसे सपने देख रहे हैं और आज उनका क्या हश्र हो गया सब जानते हैं।

सिन्‍हा ने कहा कि आरएसएस ने देश की संस्कृति और सामाजिकता में खुद को मजबूत किया और महत्वपूर्ण योगदान दिया। वो याद रखें कि संघ की बैसाखी से वो यहां तक पहुंचे हैं। तब क्यों नहीं उन्हें ये सब याद आया। उन्‍होंने कहा कि ये उनकी अवसरवादी सोच है और जुमलेबाजी कर रहे हैं। इनकी तुलना कन्हैया से करुंगा जो दोनों जुमलेबाजी में कॉम्पिटिशन कर रहे हैं। संघ मुक्त भारत का सपना देखते-देखते साम्यवादी और समाजवादी आंदोलन हाशिए पर चले गए नीतीश कुमार क्या इस तथ्य से अपरिचित हैं?

इससे पहले नीतीश कुमार ने नरेंद्र मोदी को चुनौती देने के लिए अपनी भूमिका को तय करते हुए कहा है कि सभी गैर-बीजेपी दलों को एक साथ आना होगा क्योंकि अलग-अलग लड़ाई से कुछ फायदा नहीं होने वाला है। जेडीयू अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह बयान अगले लोकसभा चुनाव के संदर्भ में दिया गया है। उन्होंने कहा कि एक तरफ बीजेपी है। दूसरी तरफ बाकी सबको एकत्रित करना होगा। अगर आज एकत्र नहीं हुए तो ये सबको खराब कर देंगे। एक दौर था जब लोहिया जी ने कांग्रेस से मुक्ति की बात की थी और आज वही वक्त है कि संघमुक्त भारत चाहिए तो इसके लिए सबको साथ आने की जरूरत है। मैं व्यक्ति का विरोधी नहीं हूं, बल्कि बीजेपी के विचार का विरोधी हूं। इसलिए बीजेपी के विचार के खिलाफ सबको गोलबंद होना पड़ेगा।