#News24Manthan: इनटॉलरेंस को बेवजह मुद्दा बनाया जा रहा है- राठौर

नई दिल्ली (9 मार्च): बीएजी फिल्म एंड मीडिया लिमिटेड के मीडिया इंस्टीट्यूट आईसोम्स (ISOMES) के तीन दिवसीय फेस्ट 'मंथन' का आज शानदार आगाज हुआ। मंथन का उद्घाटन केंद्रीय सूचना एंव प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने किया। इस मौके पर जाने-माने फिल्म डायरेक्टर सुभाष घई और वरिष्ठ पत्रकार नलिनी सिंह मौजूद रहीं।

कार्यक्रम के दौरान इनटॉलरेंस पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कहा कि बेवजह इस मुद्दे को तूल दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी को अभिव्यक्ति की आजादी है, लेकिन इस आजादी की एक मर्यादा जरूर होनी चाहिए।

क्या बोले राठौर > बीजेपी नेताओं के विवादित बयानों पर बोले कि जो वाहियात बातें हैं, वो तो वाहियात ही रहेंगी। ऐसा नहीं है कि हमसे कोई गलती नहीं होती। कई बार माहौल को देखर ज्यादा बात निकल जाती हैं। लेकिन अगर सरकार ने उन्हें सार्टिफिकेट दिया तो, इस्तीफा दे देता हूं। पार्टी में जो गलती करते हैं, पार्टी अध्यक्ष बुलाकर उन्हें डांटते हैं ठीक उसी तरह जैसे मां घर में बच्चों को डांटती है।  > कश्मीर में ISIS के झंडे लहराए जाते हैं, लेकिन अगर मीडिया उन झंडों को न दिखाए तो दिखाने वाले भी हार जाएंगे। > मुझे फिल्में बहुत पसंद है। आज भी देखने जाता हूं।  > पसंदीदा एक्ट्रेस के सवाल पर बोले- आई लव कॉफिडेंस ऑफ दीपिका पादुकोण।

क्या बोलीं नलिनी सिंह > इंटरपेनयोर जर्निलस्ट बनना बहुत मुश्किल है।  > हिम्मत के बल पर ही कोई आगे बढ़ सकता है। > दुनिया में सबसे मुश्किल जॉब है इंटरपेन्योर जर्नलिस्ट का।

नलिनी सिंह ने कहा कि आज 'फ्रीडम ऑफ स्पीच' पर बहुत बहस हो रही है। लेकिन कोई इस पर बात नहीं कर रहा कि 70 साल के बाद भी देश में सबसे ज्यादा गरीब क्यों है? 

क्या बोले सुभाष घई > फ्रीडम ऑफ स्पीच पर उन्होंने कहा कि हमें यह भी सोचना जरूरी है कि हम मर्यादा का का ध्यान रखें। देश के प्रति सभी की जिम्मेदारी है,इसलिए मर्यादा का ध्यान रखना जरूरी है। इसीलिए बहुत सोच समझ कर बोलना चाहिए।  > हम जब घर में बड़े भाई से बात करते हैं तो तरीका फर्क हो जाता है। वहां भी हम मर्यादा का ध्यान रखते हैं।