राज्यसभा: 27 सीटें पर वोटिंग शुरू, यूपी-हरियाणा में मुकाबला दिलचस्प

नई दिल्ली(11 जून): राज्यसभा की 57 सीटों पर वोटिंग शुरू हो गई है। मुख्तार अब्बास नकवी, वेंकैया नायडू, निर्मला सीतारमण, चौधरी वीरेंद्र सिंह, पीयूष गोयल और सुरेश प्रभु जैसे मंत्रियों की सदन में वापसी की राहत आसान है। लेकिन एमपी, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड में एक-एक सीट पर वोट का गणित फंसा हुआ है।

बीजेपी नेता और तीन मौजूदा केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी, निर्मला सीतारमण और चौधरी बीरेंद्र सिंह मैदान में हैं। इसी तरह कांग्रेस लीडर और दो पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल और जयराम रमेश का भी फैसला होना है। नकवी झारखंड और सिब्बल यूपी से उतारे गए हैं। चौधरी बीरेंद्र हरियाणा, सीतारमण और रमेश कर्नाटक से लड़ रहे हैं। यूपी और हरियाणा में इंडिपेंडेंट कैंडिडेट्स की वजह से मुकाबला दिलचस्प हो गया है। 

हरियाणा का राज्यसभा गणित

हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवार मैदान में हैं। जिनमें बीजेपी के चौधरी वीरेंद्र सिंह की जीत तो तय है। अब तक कांटा INLD समर्थित आर के आनंद और बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सुभाष चंद्रा के बीच फंसा था। लेकिन जैसे ही कांग्रेस मुख्यालय में आर के आनंद का स्वागत सत्कार हुआ। और कांग्रेस ने आर के आनंद के समर्थन का ऐलान किया, अब लग रहा है कि हरियाणा में कोई उलटफेर नहीं हुआ तो सुभाष चंद्रा को हार का मुंह देखना पड़ सकता है।

हरियाणा में राज्यसभा की एक सीट के लिए 31 वोट चाहिए। बीजेपी हरियाणा में एक सीट जीत जाएगी। अब आर के आनंद को चौटाला के 19 और कांग्रेस के 17 विधायकों का पूरा साथ मिला तो आनंद की सीट भी निकल जाएगी। अब सीट सुभाष चंद्रा की फंस सकती है।

मध्य प्रदेश का राज्यसभा गणित

एमपी में तीन सीटों के लिए चार उम्मीदवार मैदान में हैं। मध्य प्रदेश में बीजेपी दो सीट तो आसानी से जीत रही है। तीसरी सीट के लिए कांग्रेस के विवेक तन्खा और बीजेपी समर्थित विनोद गोटिया में मुकाबला है। कांग्रेस को अपने 53, बीएसपी के 4. निर्दलीय 1 का समर्थन मिलता दिख रहा है। इसके अलावा सत्यदेव कटारे बैलेट से, रमेश पटेल जेल से बाहर आकर वोट देंगे। इस हिसाब से कांग्रेस को 60 वोट मिलते दिख रहे हैं, जरूरत 58 की ही है।

झारखंड का राज्यसभा गणित

झारखंड में बीजेपी के मुख्तार अब्बास नकवी की जीत तय है। दूसरी सीट के लिए बीजेपी समर्थित महेश पोद्दार और जेएमएम के बसंत सोरेन में मुकाबला है। यहां कांग्रेस के समर्थन से बसंत सोरेन की सीट निकल सकती है।

उत्तराखंड का राज्यसभा गणित

उत्तराखंड में एक सीट के लिए तीन उम्मीदवार हैं। पीडीएफ के विधायक खुलकर कांग्रेस के साथ हैं। उत्तराखंड में कांग्रेस आलाकमान की तरफ से प्रभारी अंबिका सोनी और मुकुल वासनिक देहरादून पहुंचे हैं ताकी आखिरी वक्त पर उम्मीदवार प्रदीप टमटा के लिए सभी वोट पड़ जाएं, लेकिन नजरें बीएसपी के 2 विधायको पर है जिनके समर्थन के बगैर टमटा का राज्य सभा पहुंचना असंभव है।

राजस्थान का राज्यसभा गणित

राजस्थान की चारों सीट जीतने के लिए बीजेपी को 4 अतिरिक्त वोटों की जरूरत है. यही वजह है कि अपने 160 विधायकों के साथ बीजेपी के नेता 4 निर्दलीय विधायकों को भी लगातार साथ रखे हुए हैं और निर्दलीय उम्मीदवार कमल मोरारका के लिए राह आसान नहीं लगती।