राजस्थान में हड़ताल पर डॉक्टर, अबतक 25 से ज्यादा मरीजों की मौत

जयपुर (12 नवंबर): धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टर राजस्थान में पिछले 6 दिनों से हड़ताल पर हैं। यहां के 9 हजार से ज्यादा सरकारी डॉक्टरों के बाद अब रेजीडेंट डॉक्टर भी हड़ताल पर चले गए हैं। डॉक्टरों की इस हड़ताल की वजह से राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। देश के सबसे बड़े राज्य की पौने सात करोड़ जनसंख्या बेहाल और परेशान है।

डॉक्टरों की हड़ताल और समय पर समुचित स्वस्थ्य सेवा नहीं मिलने की वजह से राज्य में अबतक 25 से ज्यादा मरीजों की मौतें हो चुकी है। सैकड़ों जरूरी ऑपरेशन टाले जा चुके हैं। सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को जबरन छुट्टी दी जा रही है। CHC-PHC के बाहर मरीज इलाज की आस में पड़े हैं लेकिन डॉक्टर हैं कि मनाने की हजार कोशिशों के बावजूद इलाज के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं।

हड़ताली डॉक्टरों की हठ टूटती न देख राज्य सरकार ने राजस्थान आवश्यक सेवा अधिनियम (रेस्मा) लागू कर दिया है> इसके तहत अब तक लगभग 12 डॉक्टरों को हिरासत में भी लिया जा चुका है। सरकार ने गिरफ्तारी के लिए पुलिस को सेवारत चिकित्सक संघ के नेताओं की लिस्ट थमा दी है। रेस्मा के डर से अधिकतर डॉक्टर नेता अंडरग्राउंड हो चुके हैं। जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर और श्रीगंगानगर जैसे सीमावर्ती जिलों के सिविल अस्पतालों की ओपीडी में बीएसएफ और सेना के डॉक्टरों को लगाना पड़ा है।