पाकिस्तान की जमीन से ही उसके आतंकी मंसूबों को बेनकाब करेंगे राजनाथ

डॉ. संदीप कोहली, नई दिल्ली (2 अगस्त): आतंकी सरगना हाफिज सईद और सैयद सलाहुद्दीन की धमकी को दरकिनार कर गृहमंत्री राजनाथ सिंह पाकिस्तान जा रहे हैं। इस दौरान राजनाथ SAARC देशों के गृह मंत्रियों के साथ होने वाली बैठक (3-4 अगस्त) में हिस्सा लेंगे, लेकिन पाकिस्तान के साथ कोई द्विपक्षीय बातचीत नहीं करेंगे। जानकारी के मुताबिक भारत इस बैठक में 'आतंकवाद' का मुद्दा उठाएगा साथ ही दुनिया के सामने पाकिस्तान का आतंकवाद को लेकर दोहरा चेहरा उजागर करेगा। जुलाई में  हिज्बुल के आतंकी कमांडर बुरहान वानी ने एनकाउंटर के बाद पाकिस्तान ने उसे 'शहीद' बताते हुए ब्लैक डे मनाया था। जिसकी भारत सरकार ने कड़े शब्दों में निंदा की थी। 

कश्मीर हिंसा के लिए पाकिस्तान जिम्मेदार- 26 जुलाई तो सेना की उत्तरी कमान के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हूडा ने कश्मीर हिंसा के लिए सीधे तौर पर पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया। करगिल विजय दिवस की 17वीं वर्षगांठ के मौके पर द्रास में पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने पाकिस्तान को सीधे तौर पर निशाने पर लिया। लेफ्टिनेंट जनरल हूडा ने कहा, 'इसमें कोई शक नहीं है कि कश्मीर में जो छद्म युद्ध के हालात हैं, उनमें पाकिस्तान का हाथ है। पिछले साल की तुलना में इस साल घुसपैठ की ज्यादा कोशिशें हुईं।' हालांकि उन्होंने माना कि कुछ आंतरिक वजहें भी कश्मीर हिंसा का कारण हैं। 

कई बार पाकिस्तान हो चुका है बेनकाब... भारत के पास तीन-तीन जिंदा सबूत

- 25 जुलाई 2016- आतंकी सैफुल्लाह जिंदा पकड़ा- कश्‍मीर घाटी में लश्कर के ज़िंदा पकड़े गए आतंकवादी सैफुल्लाह से पूछताछ से यह साबित हो चुका है कि घाटी में तनाव फैलने के लिए पाकिस्तान फ़िदायीन दस्ते भेज रहा है। सैफुल्लाह उत्तरी कश्मीर के हंदवारा के कलामाबाद के मवार क्षेत्र के साहामा गांव से 25 जुलाई को पकड़ा गया था।

- 15 नवंबर 2015- आतंकी इम्तियाज अहमद डार जिंदा पकड़ा- राष्ट्रीय राइफल और पुलिस की संयुक्त कार्यवाही में हिज्बुल मुजाहिदीन का एक खूखार आतंकी इम्तियाज अहमद डार उर्फ हाफिज को गिरफ्तार कर लिया है। दो नागरिको की हत्या और शोपियां जिले की अदालत पर हमले समेत पुलवामा जिले में अवन्तीपोरा और कोवनी की घटना में भी कथित रूप से शामिल था।

- 5 अगस्त 2015- आतंकी नावेद जिंदा पकड़ा- उधमपुर में बीएसएफ की बस पर हमले के दौरान जिंदा पकड़ा गया था आतंकी नावेद। पूछताछ में उसने बताया है कि वह पाकिस्तान के फैसलाबाद में गुलाम मुस्तफाबाद का रहने वाला है। वह 12 दिन पहले पुंछ के रास्ते भारत में आया था। उसने अपनी उम्र 22 साल बताई है। उसका नाम उस्मान उर्फ कासिम उर्फ मोहम्मद नावेद है। 

सीमा पर घुसपैठ के मामले 2012             264 2013             277 2014             221 2015             92 2016(जून तक)     90

सीमा पर कितने आतंकी मारे गए 2012             13 2013             38 2014             52 2015             37 2016(जून तक)     60

सीमा पर कितने आतंकी वापस भागे 2012             130 2013             142 2014             104 2015             38 2016(जून तक)     60

पाकिस्तान ने कितनी बार सीजफायर तोड़ा 2012             114 2013             347 2014             583 2015             400 2016(जून तक)     90

यात्रा को लकेर आतंकी सरगना हाफिज सईद और सैयद सलाहुद्दीन ने क्या दी है चेतावनी- नवाज सरकार को दोनों आतंकियों हाफिज सईद और सैयद सलाउद्दीन ने धमकी दी थी कि अगर राजनाथ सिंह SAARC मंत्रिस्तरीय बैठक में शिरकत करने इस्लामाबाद आएंगे तो उसका संगठन जमात उद दावा पाकिस्तान भर में इसका विरोध करेगा। तीन अगस्त को इस्लामाबाद, लाहौर, कराची, पेशावर, मुल्तान समेत देश के कई शहरों में रैलियां की जाएंगी।

राजनाथ सिंह की पाकिस्तान में कैसे रहेगी सुरक्षा... SAARC देशों की बैठक में भाग लेने जा रहे राजनाथ सिंह को राष्ट्रपति स्तर की सुरक्षा दी जाएगी। राष्ट्रपति स्तर की सुरक्षा का मतलब यह है कि राजनाथ सिंह की सुरक्षा में पाकिस्तान के उच्च सुरक्षा दस्ते के कमांडो समेत लगभग 200 जवान तैनात रहेंगे। सूत्रों के अनुसार, राजनाथ सिंह को हाई सिक्युरिटी जोन में स्थित एक होटल में ठहराया जाएगा। उसी क्षेत्र में प्रधानमंत्री कार्यालय, विदेश मंत्रालय है।

क्या है SAARC

- SAARC (साउथ एशियन एसोसिएशन फॉर रीजनल को-ऑपरेशन) साउथ एशिया के 8 देशों का आर्थिक और राजनीतिक संगठन है। - इसकी शुरुआत 8 दिसंबर, 1985 को बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हुई थी। - इसके सदस्य राष्ट्र हैं भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, मालदीव और भूटान।

SAARC के खाते में सफलता से ज्यादा विफलताएं रहीं - सार्क ने अब तक कुछ छोटे कदम उठाए हैं. लेकिन अब ज़रुरत है बड़े कदम उठाने की। - सार्क की स्थापना के 30 साल बाद इसे प्रतीकों से आगे बढ़ कर देखने की ज़रुरत है। - सार्क विश्वविद्यालय हो या सार्क सैटेलाइट, इसे इसकी वास्तविक उपलब्धि नहीं कह सकते। - दक्षिण एशिया में तरक्की की संभावनाएं अनेक हैं, चाहे कच्चा माल हो या कार्यकुशल श्रम, यहाँ सब कुछ मौजूद है। - सार्क की स्थापना के उद्देश्यों में एक था इस क्षेत्र को ग़ुरबत से उठा कर विकास के रास्ते पर लाना। - सार्क का मक़सद था क्षेत्र में एकीकरण, बेहतर कनेक्टिविटी और आपसी व्यापार बढ़ाना. इसमे ख़ास सफलता नहीं मिली है। - इसके विपरीत 28 देशों के संघ यूरोपीय संघ एक कामयाब गुट है। - जहाँ एक देश का नागरिक दूसरे देश में बग़ैर पासपोर्ट के घूम सकता है, रह सकता है, नौकरी कर सकता है और संपत्ति खरीद सकता है।

SAARC में भारत की भूमिका

- सार्क देशों की संस्कृति और रीति रिवाज लगभग एक जैसे हैं - आपस में आम लोगों के बीच मतभेद भी अधिक नहीं हैं.लेकिन इसके बावजूद ये एक दूसरे से मीलों दूर हैं, - 2014 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था - 'सिंगापुर और दुबई जाना सार्क देशों में जाने के मुकाबले अधिक आसान और सस्ता है.' - PM मोदी ने इस दिशा में पहल भी की है. शपथ ग्रहण के दौरान सार्क देशों के नेताओं को न्योता दिया और सबसे पहले नेपाल, भूटान का दौरा किया. - काठमांडू में भारत सरकार की तरफ से सार्क व्यापारियों को तीन से पांच साल तक का वीज़ा देने की पेशकश भी ऐतिहासिक कदम था. - इसके अलावा दक्षेस सैटेलाइट परियोजना- दक्षेस उपग्रह के निर्माण और प्रक्षेपण का खर्च भारत वहन करेगा 

भारत-पाकिस्तान संबंध... नरेंद्र मोदी के PM बनने से लेकर अबतक

मई 2014 : पहली मुलाकात 26 मई को नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण में नवाज शरीफ शामिल। PM मोदी ने PM शरीफ की मां के लिए तोहफे में शॉल दी। अगस्त (फॉरेन सेक्रेटरी बातचीत रद्द) : पाक हाईकमिश्नर अब्दुल बासित की कश्मीरी अलगाववादियों से मुलाकात, इस्लामाबाद में  बातचीत रद्द। सितंबर : नवाज शरीफ ने यूनाइटेड नेशंस के सेक्रेटरी जनरल बान की मून के साथ मुलाकात में कश्मीर का मुद्दा उठा दिया। नवंबर : दूसरी मुलाकात PM मोदी-नवाज नवंबर में सार्क समिट के दौरान मिले। लेकिन दोनों के बीच औपचारिक बातचीत नहीं हुई। मार्च 2015 :  फॉरेन सेक्रेटरी एस जयशंकर ने पाकिस्तान के फॉरेन सेक्रेटरी एजाज अहमद चौधरी से मुलाकात की। जून : PM मोदी बांग्लादेश दौरे पर कहा, पाकिस्तान ने आतंक फैलाकर भारत की ‘नाक में दम’ कर रखा है। पाकिस्तान ने इस बयान पर कड़ा एतराज जताया। जुलाई : पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि जरूरत पड़ी तो पाकिस्तान एटम बम का इस्तेमाल करने से नहीं चूकेगा। 10 जुलाई : तीसरी मुलाकात  ऊफा (रूस) में PM मोदी-शरीफ के बीच 8 महीने बाद मुलाकात हुई, एनएसए और डीजीएमओ लेवल की बातचीत भी तय हुई। 12 जुलाई : ऊफा समझौते से मुकरा पाकिस्तान, एनएसए सरताज अजीज ने कहा कश्मीर नहीं तो बातचीत नहीं। अगस्त : एनएसए बातचीत से पहले पाक हाई कमिश्नर अब्दुल बासित ने कश्मीरी अलगाववादियों को न्योता भेजकर 23 अगस्त को दावत पर बुलाया। 22 अगस्त (NSA बातचीत रद्द) : भारत-पाकिस्तान के बीच रविवार-सोमवार को होने वाली एनएसए लेवल की मीटिंग 4 दिन के सस्पेंस के बाद रद्द। सितंबर : बीएसएफ और पाक रेंजर्स के बीच दिल्ली में बातचीत। सितम्बर : एलओसी (पुंछ के चक दा बाग) पर हुई भारत और पाक की ब्रिगेड कमांडर स्तर की फ्लैग मीटिंग। 29 सितंबर : US में PM मोदी-नवाज का आमना-सामना, दूर से हुई दुआ-सलाम, हाथ हिलाकर एक-दूसरे का अभिवादन किया। 30 सितंबर : UN आम सभा में पाकिस्तान के PM नवाज शरीफ ने की भारत साथ अमन की पहल, लेकिन रखीं 4 शर्ते... कश्मीर से सेना हटाई जाए। 1 अक्टूबर: यूएन में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने PM नवाज को दिया था दोटूक जवाब,  चार सूत्रों की जरूरत नहीं है। आतंकवाद छोड़िए और बैठकर कीजिए। अक्टूबर: विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की स्पीच के बाद पाकिस्तान ने यूएन सेक्रेटरी जनरल बान की-मून को भारत के खिलाफ एक डोजियर सौंपे। 23 अक्टूबर: पाकिस्तान को अमेरिका में फटकार... भारत की शिकायत करने पर अमेरिका ने डांटा। 27 नवंबर : दो महीने में पाक का यू-टर्न: माल्टा में कॉमनवेल्थ देशों की समिट में PM नवाज शरीफ ने कहा- हम बिना शर्त भारत से बात करने को तैयार। 30 नवंबर : चौथी मुलाकात  जलवायु परिवर्तन सम्मेलन के दौरान पेरिस में PM मोदी से नवाज शरीफ की मुलाकात। 6 दिसंबर (NSA बातचीत) : दोनों देशों के NSA बैंकाक में मिले, अजीत डोवाल और नसीर जांजुआ के बीच बात हुई। 8 दिसंबर (सुषमा स्वराज की पाकिस्तान यात्रा): पाकिस्तान पहुंचीं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा- रिश्ते बेहतर बनाने का पैगाम लेकर आई हूं। 25 दिसंबर: पांचवी मुलाकात पीएम नरेंद्र मोदी 25 दिसंबर को अफगानिस्तान से लौटते वक्त अचानक पाकिस्तान पहुंचे। लाहौर में 2 घंटे 40 मिनट रुके। 2 जनवरी 2016: पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमला हमले में 9 सुरक्षा कर्मी शहीद। 15 जनवरी: सचिव लेवल की बातचीत 15 जनवरी को इस्लामाबाद में होनी थी। लेकिन पठानकोट अटैक के बाद रद्द हो गई। 17 मार्च: सार्क देशों के समिट के दौरान दोनों देशों के विदेश सचिव मिले। 26 अप्रैल: दोनों देशों के विदेश सचिवों में पठानकोट हमले के बाद पहली बार नई दिल्ली में औपचारिक द्विपक्षीय वार्ता हुई।