पाक में 200 सुरक्षाकर्मियों की घेरे में होंगे राजनाथ, ऐसी होगी सुरक्षा

प्रशांत देव, नई दिल्ली (3 अगस्त): केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह के लिए पाकिस्तान में बेहद कड़ी सुरक्षा का इंतजाम किया गया है। हाफिज़ सईद और सैयद सलाउद्दीन की धमकियों को देखते हुए राजनाथ की सुरक्षा पाकिस्तान की विशेष कमांडो टीम को दी गई है।

राजनाथ सिंह आज शाम को एक विशेष विमान से नई दिल्ली से रावलपिंडी के लिए उड़ान भरेंगे। उनके साथ करीब 6 लोग होंगे। वहां पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारी उनको क़ड़ी सुरक्षा के बीच सड़क रास्ते से रावलपिंडी से इस्लामाबाद के होटल सेरेना पहुंचाएंगे। सार्क सम्मेलन भी उसी होटल में होना है। रास्ते को दोनो तरफ से बंद कर दिया जाएगा। इसके अलावा उस सड़क की कनेक्जटिंग रोड भी बंद कर दी जाएगी। पूरे रास्ते में ऊंची इमारतों पर सेनाइपर्स तैनात होंगे। जब राजनाथ सिंह का काफिला निकलेगा।

आतंकवादियों की धमकियों के देखते हुए पाकिस्तान सरकार ने खुद ही सुरक्षा का स्केल बढा दिया है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियां अपने आधुनिक हथियारों के साथ मंत्री के साथ जाना चाहती थी, लेकिन पाकिस्तान सरकार ने इस बात की इजाजत नहीं दी और भरोसा दिलाया कि उनकी सुरक्षा का स्केल बढ़ा दिया गया है। कोई भी प्रदर्शनकारी किसी भी हालत में न तो रास्ते में और न ही होटल के आस-पास आ पाएगा। सूत्रों की मानें तो इन दो दिनों के दौरान राजनाथ सिंह को राष्ट्रपति सरीखी सुरक्षा मिलेगी और वह 200 सुरक्षाकर्मियों के घेरे में रहेंगे।

इस मामले पर हुई एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद पाकिस्तान से दो टूक कहा गया है कि वह राजनाथ सिंह की सुरक्षा के फूलप्रूफ इंतजाम करे। जानकारी के मुताबिक राजनाथ सिंह 4 तारीख के डिनर का कार्यक्रम कैंसिल करके शाम करीब 6 बजे नई दिल्ली के लिए उड़ान भरेंगे। लश्कर सरगना हाफिज सईद की पूरे पाकिस्तान में विरोध-प्रदर्शनों की धमकी के बीच केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह बुधवार को पाकिस्तान जा रहे हैं। इसी साल की शुरुआत में पहले पठानकोट एयरफोर्स बेस पर हमला और उसके बाद जम्मू एवं कश्मीर में हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने और कश्मीर में संघर्ष के बीच भारतीय सेना द्वारा कश्मीर में इसी हफ्ते पाकिस्तानी आतंकी को गिरफ्तार किया जाना, इन तमाम बातों के बीच राजनाथ सिंह का यह दो-दिवसीय पाकिस्तान दौरा काफी अहम है।

इस बात की भी पूरी उम्मीद है कि राजनाथ सिंह 4 अगस्त को सार्क सम्मेलन में अपने संबोधन के दौरान पाकिस्तान के आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले पहलुओं का एक बार फिर खुलासा कर सकते हैं। खासकर आतंकी बुरहानी वानी को शहीद बताने और कश्मीर में घुसपैठ और आतंकियों को शह देने को लेकर।