राजनीति मानवता एवं इंसाफ के नाम पर होनी चाहिए: गृहमंत्री राजनाथ सिंह

नई दिल्ली ( 4 जनवरी ): केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि बीजेपी ने कभी धार्मिक ध्रुवीकरण की राजनीति नहीं की और न ही करेगी तथा तथाकथित ‘धर्मनिरपेक्ष’ दलों को उच्चतम न्यायालय के इस आदेश के आलोक में सावधान हो जाने की जरूरत है कि उम्मीदवारों को धर्म, जाति और संप्रदाय के नाम पर वोट नहीं मांगना चाहिए।

जब गृहमंत्री से पूछा गया कि क्या उनकी पार्टी आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में राममंदिर का मुद्दा उठा सकती है, तो उन्होंने कहा कि यह मामला अदालत में विचाराधीन है। उन्होंने कहा, ‘उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद तथाकथित धर्मनिरपेक्ष दलों को सावधान हो जाना चाहिए।’ उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत का कथन बिल्कुल सही है और राजनीति में जाति या धर्म नहीं आना चाहिए।

सिंह ने कहा, ‘बीजेपी ने न तो ध्रुवीकरण की राजनीति की और न ही भविष्य में करेगी। मैं महसूस करता हूं कि यदि वह ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही होती तो उसे संसद में स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता।’ उन्होंने कहा, ‘पहली बार, किसी गैर कांग्रेस दल को संसद में स्पष्ट बहुमत मिला है। अब उस राजनीतिक दल, उसके कार्यकर्ताओं को दोष देना उचित नहीं है।

शीर्ष अदालत के आदेश पर उन्होंने कहा, ‘उच्चतम न्यायालय ने जो कुछ कहा है, बिल्कुल सही है। शीर्ष अदालत ने जो कहा है, उससे मैं पूरी तरह सहमत हूं।’ उन्होंने कहा, ‘राजनीति जाति, वंश या धर्म के आधार पर नहीं की जानी चाहिए। राजनीति बस मानवता एवं इंसाफ के नाम पर होनी चाहिए।’