पाक सीमा पर भारत ने खड़ी की अदृष्य दिवार, राजनाथ सिंह ने किया स्मार्ट फेंसिंग योजना की शुरुआत

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (17 सितंबर): भारत ने पाकिस्तान से सटे सीमा यानी LoC पर खड़ी की अदृश्य दीवार खड़ी कर दी है। केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू कश्मीर में सरहद की निगरानी के लिए दो 'स्मार्ट फेंसिंग' पायलट परियोजना का उद्घाटन किया है। इन परियोजनाओं को कम्प्रेहेंसिव इंटीग्रेटिड बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम (सीआईबीएमएस) कार्यक्रम के तहत शुरू किया गया है। इस मौके पर राजनाथ सिंह ने कहा कि इससे सरहद पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को काफी सहुलियत होगी। उन्होंने कहा कि पहले किसी भी हालात में जवानों को वहां फिजिकली मौजूद रहना पड़ता था। लेकिन इस टेक्नेलॉजी से जवानों को बहुत सहूलियत होगी। साथ ही उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी फायरिंग का हमारे जवान मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं। हम 2016 km तक इस टेक्नेलॉजी का इस्तमाल करेंगे। इससे जवानों का तनाव भी काम होगा। उन्होंने कहा कि हमने इस टेक्नेलॉजी को इजरायल में देखा था।

आपको बता दें कि भारत ने जम्मू में LoC के दो हिस्सों में अपनी तरह का यह पहला हाई-टेक सर्विलांस सिस्टम तैयार किया गया है। इसकी मदद से जमीन, पानी और हवा में एक अदृश्य इलेक्ट्रॉनिक बैरियर होगा, जिससे सीमा सुरक्षा बल (BSF) को घुसपैठियों को पहचानने और मुश्किल इलाकों में घुसपैठ रोकने में मदद मिलेगी। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह आज जम्मू में इसी दो पायलट प्रॉजेक्ट्स को लॉन्च किया है। एक प्रॉजेक्ट के तहत जम्मू के 5.5 किमी का बॉर्डर कवर होगा। इस प्रणाली को कॉम्प्रिहेन्शिव इंटिग्रेटेड बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम यानी CIBMS नाम दिया गया है। इसके तहत कई आधुनिक सर्विलांस टेक्नॉलजी का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसमें थर्मल इमेजर, इन्फ्रा-रेड और लेजर बेस्ड इंट्रूडर अलार्म की सुविधा है। इसमें एक अदृश्य जमीनी बाड़, हवाई निगरानी के लिए एयरशिप, नायाब ग्राउंड सेंसर लगा होगा जो घुसपैठियों की किसी भी हरकत को भांप कर सुरक्षा बलों को सूचित कर देगा।बताया जा रहा है कि कि भारत में इंटिग्रेटेड बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम पर आधारित यह वर्चुअल फेंस अपनी तरह का पहला प्रयोग है। अधिकारी ने कहा कि CIBMS को ऐसे इलाकों की सुरक्षा के लिए डिजाइन किया गया है जहां फिजिकल सर्विलांस संभव नहीं है, वह चाहे जमीनी इलाके के कारण हो या नदी वाले बॉर्डर। तकनीकी सपॉर्ट मिलने से सुरक्षा बलों की ताकत और बढ़ जाएगी। दरअसल मानव संसाधान, हथियारों और हाईटेक सर्विलांस उपकरणों के साथ मिलने से सीमा की सुरक्षा अभेद्य हो जाएगी।