500 करोड़ के राजमहल को लेकर “राजघराना और राजे सरकार” आमने-सामने

केजे श्रीवत्सन, जयपुर (31 अगस्त): जयपुर रियासत का शाही विवाद अब राजमहल से निकल कर सड़कों पर आ गया है। यह विवाद है करीब 500 करोड़ रूपये की कीमत वाले राजमहल पैलेस होटल की जमीन का, जिस पर जयपुर का पूर्व राजघराना और जयपुर नगर निगम दोनों ही अपना कब्जा बता रहे हैं।

जयपुर राजघराने को जमीन छीने जाने का मसला कितना खटक रहा है इसका अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि बाकायदा अखबारों में विज्ञापन छपवाकर लोगों से इस मुद्दे पर ना केवल समर्थन की मांग की जा रही है, बल्कि कभी जिस जगह जयपुर दरबार लगता था उसी महल के सामने लोगों से गुरूवार को इकट्ठा होने की अपील भी की जा रही है।

जयपुर के सभी छोटे-बड़े अखबारों में यह छपा विज्ञापन है, जिसने अखबार पढने वालों को बुधवार को चौंका कर रख दिया...

- मार्मिक शब्दों वाला यह विज्ञापन जयपुर की पूर्व राजमाता पद्मिनी देवी ने अपनी फोटो के साथ छपवाया है। - इसमें जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा राजघराने की जमीन को कब्जाने के साथ राजपरिवार द्वारा लोगों के विकास के लिए किए गए योगदान को गिनाया गया है। - राजपरिवार ने इस घटना के खिलाफ लोगों से 1 सितंबर को त्रिपोलिया गेट के समक्ष जमा होने की अपील की।

- इसी त्रिपोलिया गेट के पास जिसके अन्दर कभी राजदरबार लगता था।

क्या है मामला... - 24 अगस्त को जयपुर नगर निगम के अधिकारी राजमहल होटल की जमीन पर पहुंच गए थे। - अधिकारियों ने महल की जमीन पर कब्जा कर लिया और राजमहल होटल के दरवाज़े को भी सील कर दिया। - 550 करोड़ की कीमत वाले राजमहल पैलेस की 12 बीघा जमीन पर निगम अपना कब्जा बता रहा है। - इस दौरान बीजेपी विधायक और जयपुर राजकुमारी दीया कुमारी ने इसे रोकने की कोशिश भी की। - लेकिन अधिकारीयों ने उनके सामने ही होटल के कई हिस्से पर बुलडोज़र चलाकर वहां अपने कब्जे का बोर्ड लगा दिया।

500 करोड़ है राजमहल पैलेस होटल की कीमत... - इसकी कीमत 500 करोड़ रूपये से भी ज्यादा है। - 250 साल पुराने इस हैरिटेज होटल में 14 रॉयल अपार्टमेंट्स, सुइट्स और पैलेस रूम्स है। - 1729 में सवाई जयसिंह द्वितीय ने मेवाड़ के महाराणा की बेटी और अपनी रानी चंद्र कंवर राणावत के लिए इसे बनवाया था। - अंग्रेजों के शासनकाल में सन् 1821 से राजमहल पैलेस में ब्रिटिश सरकार के अधीन राजपूताना का पॉलिटिकल ऑफिस था। - 1958 में महाराजा सवाई सिंह द्वितीय ने यहीं पर रहना शुरू किया था। - राजमहल को 1970 में पूर्व महाराजा मानसिंह ने अपने बेटे पूर्व महाराजा भवानी सिंह को गिफ्ट के रुप में दिया। - फिर पूर्व महाराजा भवानी सिंह ने इसे गिफ्ट के रूप में अपनी बेटी पूर्व राजकुमारी दीया कुमारी को दिया। - इस होटल में कभी महारानी एलिजाबेथ द्वितीय, ड्यूक ऑफ एडिनबर्ग, लॉर्ड और लेडी माउंटबेटन और ईरान के शाह जैसी हस्तियां ठहर चुकी हैं। - 1949 में जयपुर रियासत के राजस्थान में विलय के बाद तत्कालीन गृह मंत्री सरदार पटेल और पूर्व महाराजा मानसिंह के बीच हुए समझौते को कोविनेंट (अनुबंध) कहा जाता है। - कोविनेंट के मुताबिक राजमहल पैलेस प्रिंसेज हाउस के तौर पर जयपुर राज परिवार की संपत्ति है।