इस बैंक में हुआ बड़ा घालमेल, नोटबंदी के दौरान जमा हुए 871 करोड़

राजकोट (7 जनवरी): 500 और 1000 के नोटों पर पबंदी के बाद कालेधन के कुबरों ने बैंककर्मियों की मिलीभगत से बड़े-बडे़ कारनामों को अंजाम दिए हैं। अब ऐसे नटवरलालों और बैंकों पर इनकम टैक्स विभाग के साथ-साथ ईडी शख्त हो गई है। तमाम ऐजेंसियां लगातार कालेधन के ऐसे कुबेर,बैंक और बैंककर्मियों के खिलाफ कार्रावाई करने में जुटी है।

इसी कड़ी में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की अहमदाबाद ईकाई ने राजकोट की एक को-ऑपरेटिव बैंक का सर्वे किया है। नोटबंदी के बाद 9 नवंबर से 30 दिसंबर के बीच इस राजकोट के इस को-ऑपरेटिव बैंक में 871 करोड़ रुपये जमा होने की जानकारी इनकम टेक्स डिपार्टमेंट को मिली थी।

सर्वे के दौरान इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को चौंकाने वाली जानकारी मिली है...

- 9 नवंबर से 30 दिसंबर के बीच 871 करोड़ रुपये जमा हुए

- 9 नवंबर से 30 दिसंबर के बीच 108 करोड़ रुपये निकाले गए

- 25 खातों में 30 करोड़ रुपये से ज्यादा जमा हुए

- एक खाते में 10 करोड़ रुपये जमा हुए

- बैंक के निदेशक के बेटे ने 30 खातों से इस दौरान 1 करोड़ रुपये निकाला

- बैंक के उप निदेशक की मां ने इस दौरान 64 लाख रुपये निकाला

- नोटबंदी के दौरान 4551 नए खाते खुले, जबकि औसतन इस बैंक में साल भर में 5 हजार नए खाते खुलते थे

- 62 खातों में एक मोबाइल नंबर दर्ज है