शहीद राजकिशोर की कहानी जानकार आपका सीना हो जाएगा 56 इंच का...

नई दिल्ली (30 सितंबर): उरी हमले में गंभीर घायल बिहार रेजीमेंट के नायक राज किशोर सिंह के निधन के बाद बिहार सरकार ने उनके के परिवार के लिए 11 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान किया है। शहीद राजकिशोर बिहार में भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड स्थित पीपरपांती गांव के रहने वाले थे।

उरी में 6 बिहार रेजिमेंट में लांस नायक के पद पर तैनात शहीद राजकिशोर सिंह का पूरा परिवार फिलहाल आरा के गांगी के पास विजयनगर मुहल्ले में रहता है। शहीद की शहादत की खबर जैसे ही उनके आरा स्थित घर पहुंची चारों ओर चीख-पुकार मच गई।

शहीद को एक बेटा और एक बेटी है। बेटे की उम्र 10 साल है, जिसका नाम हेमंत है और बेटी सुहानी 12 वर्ष की है। शहीद राजकिशोर सिंह की पत्नी से अखिरी बात सोलह सितंबर को हुई थी। आखिरी बार बात करते हुए उन्होंने कहा था कि यहां पर चार्ज नहीं मिला है। यह इलाका नया है। नेटवर्क प्रॉब्लम की वजह से फोन कट गया। इसके बाद पत्नी बार-बार फोन लगाने का प्रयास करती रही, लेकिन बात नहीं हो पाई। बच्चों की पढ़ाई-लिखाई पर शहीद ने अपनी पत्नी के साथ चर्चा की थी।

शहीद राजकिशोर सिंह का पूरा परिवार देश की सेवा में जुटा हुआ है। उनके पिता स्व. विष्णु सिंह आर्मी में थे। उनके तीन पुत्र अशोक सिंह, बेनी माधव सिंह व शहीद राजकिशोर सिंह आर्मी में थे। एक भाई विना गुड़ी में कार्यरत हैं, जबकि दूसरा भाई कानपुर में है । वहीं राजकिशोर उरी में तैनात थे। इसी दौरान आतंवादियों के हमले में गंभीर रूप से जख्मी हो गये थे। अपने भाईयों में वह सबसे छोटे थे।