अलका लांबा से इस्तीफा नहीं मांगा गया है: मनीष सिसोदिया

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (22 दिसंबर): दिल्ली विधानसभा ने 1984 के सिख विरोधी दंगे के कारण, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को दिया गया ‘भारत रत्न’ वापस लेने की मांग वाला एक प्रस्ताव कथित तौर पर पारित किया। हंगामा होने के बाद 'आप' इस मामले में चौतरफा घिर गई है। आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि जो मूल लेख दिल्ली विधानसभा में पेश किया गया था, पूर्व प्रधानमंत्री के संबंध में पंक्तियां उसका हिस्सा नहीं थीं। मनीष सिसोदिया ने कहा कि अलका लांबा से कोई इस्तीफा नहीं मांगा गया है। कोई इस्तीफा नहीं दे रहा है।

विवाद पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लिए जाने की मांग से शुरु हुआ। कांग्रेस अरविंद केजरीवाल से माफी की मांग कर रही है। बीजेपी इसे कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की डील बता रही है। इस पूरे विवाद पर आप का शीर्ष नेतृत्व अब तक चुप है।

क्या है विवाद की जड़?

दिल्ली विधानसभा ने 1984 के सिख विरोधी दंगे के कारण, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को दिया गया ‘भारत रत्न’ वापस लेने की मांग वाला एक प्रस्ताव कथित तौर पर पारित किया। आप विधायक अलका लांबा ने इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए शुक्रवार को कहा कि वह विधायक पद से इस्तीफ़ा देने जा रही हैं। लांबा ने ट्वीट कर कहा, ''आज दिल्ली विधानसभा में प्रस्ताव लाया गया कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री राजीव गांधी जी को दिया गया भारत रत्न वापस लिया जाना चाहिये, मुझे मेरे भाषण में इसका समर्थन करने को कहा गया, जो मुझे मंजूर नहीं था, मैंने सदन से वॉक आउट किया। अब इसकी जो सज़ा मिलेगी, मैं उसके लिये तैयार हूं।''

केजरीवाल ने कहा इस्तीफा दें: अलका लांबा ने कहा, “मुझे बाद में जब प्रस्ताव पारित होने की जानकारी मिली तो मैंने इस पर आप संयोजक अरविंद केजरीवाल से बात की।” उन्होंने बताया, “केजरीवाल ने मुझसे विधायक पद से इस्तीफा देने को कह दिया है। इसलिए मैं पार्टी प्रमुख के आदेश का पालन करते हुए इस्तीफा देने जा रही हूं।”

राजीव गांधी के खिलाफ प्रस्ताव नहीं

आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि जो मूल लेख दिल्ली विधानसभा में पेश किया गया था, पूर्व प्रधानमंत्री के संबंध में पंक्तियां उसका हिस्सा नहीं थीं। साथ ही उन्होंने कहा कि यह एक सदस्य का हस्तलिखित संशोधन प्रस्ताव था जिसे इस प्रकार से पारित नहीं किया जा सकता। आप विधायक जरनैल सिंह ने इस प्रस्ताव को पेश करते वक्त राजीव गांधी के नाम का जिक्र किया साथ ही मांग की कि सिख विरोधी दंगे को उचित ठहराने के लिए कांग्रेस नेता से भारत रत्न वापस लिया जाए।

विधानसभा अध्यक्ष की सफाई: दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष राजनिवास गोयल ने कहा कि जो प्रस्ताव दिया गया उसमें राजीव गांधी जी का नाम नहीं था। आप विधायक जरनैल सिंह ने अपने भाषण में इसका जिक्र किया, लोग भावनाओं में बह जाते हैं।