कांग्रेस की नाक का सवालः अमेठी में राजीव गांधी ट्रस्ट को खाली करनी होगी जमीन !

नई दिल्ली (7अगस्त): लंबी प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया के बाद अमेठी जिला प्रशासन ने राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट से कहा है कि वो जायस के रोखा गांव में आवंटित की गयी जमीन तत्काल खाली करे। अधिकारियों ने कहा कि उक्त जमीन शुरू में एक व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र के नाम पर पंजीकृत कराई गई थी, लेकिन बाद में राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट ने इस पर कथित तौर पर कब्जा कर लिया।

 इस जमीन के मालिकाना हक का मुद्दा केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने सबसे पहले तब उठाया था जब वह 2014 में अमेठी लोकसभा सीट से कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव हार गई थीं। अमेठी लोकसभा सीट के तहत आने वाले 5 विधानसभा क्षेत्र जिला प्रशासन के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। बहरहाल, अखिलेश यादव की अगुआई वाली पिछली समाजवादी सरकार ने ईरानी की ओर से उठाए गए मुद्दे को अनदेखा कर दिया था।

योगी आदित्यनाथ के उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के बाद जिला प्रशासन ने ईरानी के पत्र पर गौर किया और फिर कदम उठाया। इसके बाद, अमेठी के जिलाधिकारी योगेश कुमार ने तिलोई के एसडीएम अशोक कुमार शुक्ला से कहा कि वह 'विशेष ध्यान' देते हुए मामले पर विचार करें। ट्रस्ट को पहला नोटिस जिला विकास अधिकारी ओ पी पाण्डेय की ओर से जारी किया गया था। इसके बाद मुख्य विकास अधिकारी ओम प्रकाश ने 10 अप्रैल और शुक्ला ने 28 अप्रैल को नोटिस जारी किया था।

नोटिसों में ट्रस्ट से कहा गया कि वह जमीन के मालिकाना हक या इस्तेमाल से जुड़े दस्तावेज पेश करें। शुक्ला ने बताया कि ट्रस्ट ने नोटिस का जवाब दिया, लेकिन जवाब 'न तो स्पष्ट था और न ही पर्याप्त था। इसलिए इस भूमि से उन्हें अपना कब्जा छोड़ना होगा।