कश्मीर विवाद को सुलझाने को तैयार थे राजीव गांधी और बेनजीर भुट्टो- आसिफ अली जरदारी

नई दिल्ली (6 फरवरी): कश्मीर को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच आजादी के बाद से ही विवाद है और इसे सुलझाने की कई बार कोशिशें भी हो चुकी है लेकिन ये विवाद दशकों से जस के तस बने हुए हैं। इस बीच पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के पति और पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने दावा किया है कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो मैत्रीपूर्ण तरीके से कश्मीर के मुद्दे को सुलझाने के लिए तैयार थे लेकिन चुनाव अभियान के दौरान भारतीय नेता राजीव गांधी की हत्या कर दी गई, जिससे से विवाद नहीं सुलझ सका।

पाकिस्तान के पूर्व जरदारी ने यह भी खुलासा किया कि पूर्व आर्मी चीफ और राष्ट्रपति रह चुके परवेज मुशर्रफ कश्मीर मुद्दे पर एक सीक्रेट योजना के साथ आए थे लेकिन पाकिस्तान के अन्य जनरल इससे सहमत नहीं थे। जरदारी ने ये बातें लाहौर में कश्मीर रैली के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए कहा। जरदारी ने कहा कि बेनजीर भुट्टो साहिबा ने 1990 में राजीव गांधी से इस मुद्दे पर बात की थी और उस दौरान दोनों ने आपसी सहमति से कश्मीर मुद्दे को सुलझाने के लिए सहमति जताई थी। 

पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के को-चेयरमैन ने कहा कि राजीव गांधी ने बेनजीर से कहा था कि पिछले 10 सालों में पाकिस्तान से जनरल ज़िया समेत कोई भी इस मुद्दे पर हमसे बात करने नहीं आया। राजीव गांधी ने स्वीकार किया था कि कश्मीर एक महत्वपूर्ण मुद्दा है और इसे आपसी बातचीत से हल करना चाहिए। राजीव ने कहा कि वह सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान के साथ इस मुद्दे को उठाएंगे, लेकिन दुर्भाग्यबस 1991 में उनकी हत्या कर दी गई। 

साथ ही जरदारी ने कहा कि इस मुद्दे पर पीपीपी की सरकार के अलावा किसी ने भी भारत से इस बारे में बात नहीं की। उन्होंने कहा कि 2008 से 2013 के दौरान पीपीपी के सरकार ने ही पूर्व प्रधानमंत्री रह चुके मनमोहन सिंह के सामने इस मुद्दे को उठाया था।